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छात्राओं ने गांवों व कस्बों का किया भ्रमण

बंटी राज आर्यन्स 9386566090

हरनौत नालन्दा । ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव का छह महीने के सत्र का समापन हो गया। इस दौरान छात्राओं ने जिले के विभिन्न गांवों-कस्बों का भी भ्रमण किया। साथ ही क्षेत्र विशेष में कृषि कार्य की जानकारी ली। व्यक्ति विशेष द्वारा कृषि के विविध आयामों की बेहतर तकनीक के साथ खेती का गुर भी सीखा। छात्राओं ने एक स्वर में कहा कि कृषि की आधुनिक तकनीकों के प्रयोग में नालंदा काफी आगे है। मुजफ्फरपुर की रहने वाली छात्रा एरम आरजू का कहना था कि कृषि तकनीकों का काफी विकास हुआ है पर, ग्रामीण स्तर पर आज भी इसकी जानकारी का अभाव है। इस वजह से परंपरागत तकनीक अपनाने वाले किसानों का कृषि जोत बड़ा होता है पर, उसके अनुसार उपज नहीं मिल पाती। उपर से मौसम की मार भी पड़ती है। नतीजतन किसानों के आत्महत्या की घटनाएं सामने आती हैं। इसकी मूल वजह जानकारी का अभाव होता है। बेतिया की छात्रा नैन्सी जायसवाल ने कहा कि सत्र में उन्होंने मेघी में आलोक कुमार की संरक्षित खेती, परासी के विनीत कुमार के बटन मशरुम उत्पादन प्लांट, राजगीर की मधु पटेल और चंडी की अनीता देवी का मशरुम स्पॉन प्लांट देखा। इसके अलावा सरथा में जलवायु अनुकूल खेती भी देखी। फसल अवशेष को जलाये बगैर हैप्पी सीडर से बीज की बुआई से समय और धन की बचत की सीख मिली। साथ ही अवशेष के मिट्टी में मिलाने से मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बढ़ाने की बारीक सीख भी मिली। इनके साथ बिहारशरीफ की प्रियंका, वर्षा और नूरसराय की पिंकी ने कहा कि उनका आगे संबंधित विषय में पीजी करने का लक्ष्य है। साथ ही एक मंच स्थापित कर दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के बीच कृषि की आधुनिक तकनीकों की जानकारी देना चाहते हैं। ताकि किसानों का नुकसान कम से कम हो और खेती लाभ का व्यवसाय बन सके। कोई किसान आत्महत्या नहीं करें।।

  


  




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