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:- बंटी राज आर्यन्स की रिपोर्ट

बिहारशरीफ। स्थानीय नईसराय स्थित पटेल नगर में गुरुकुल विद्यापीठ के प्रांगण में विज्ञान प्रदर्शनी सह सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें सभी बच्चों ने बढ़ चढ़कर भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया। इस प्रदर्शनी में बच्चों ने विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान एवं आर्ट एंड क्राफ्ट से संबंधित प्रदर्शनी लगाए। यह प्रदर्शनी बहुत हद तक आज की परिस्थिति से संबंधित थी। जिसमें जल संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वच्छ भारत आदि से संबंधित विषय थे। विद्यालय के प्रांगण में प्रवेश के समय मुख्य द्वार पर सभी आगन्तुकों का कुमकुम, पुष्प एवं दीप से स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि का स्वागत बच्चों ने स्वागत गान स्वागतम स्वागतम से किया। सांकृतिक कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय सचिव प्रमोद कुमार, प्राचार्या पूनम कुमारी, उपप्राचार्य सुमन कुमार झा द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करके की गई। विज्ञान प्रदर्शनी का शुभारम्भ मुख्य अतिथि द्वारा फीता काटकर किया गया। फीता काटने के बाद मुख्य अतिथि ने सभी स्टॅालों पर घूम कर बच्चों द्वारा बनाए गए प्रोजेक्टों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने बच्चों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि बच्चों ने बहुत ही उम्दा प्रदर्शन किया है। जो बात कही जाती है कि बच्चे ही देश का भविष्य होते हैं, उस बात को ए बच्चे बिलकुल चरितार्थ करते दिखें। उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा निर्मित एक एक कलाकृति प्रशंसनीय एवं दर्शनीय है। इसके अलावा उन्होंने विद्यालय व्यवस्था को भी इसके लिए धन्यवाद दिया कि वो बच्चों के चतुर्दिक विकास के लिए हरसंभव प्रयासरत हैं। उनके इस योगदान के फलस्वरूप एक दिन यही बच्चे अपने राष्ट्र को गौरवान्वित करेंगे। विद्यालय सचिव प्रमोद कुमार ने भी बच्चों की प्रशंसा करते हुए उनके कार्य को सराहा। उन्होंने कहा कि बच्चों ने जो अति विशिष्ट कार्य किया है, वो वास्तव में काबिल तारीफ हैं। उन्होंने बच्चों द्वारा बनाए गए प्रोजेक्ट के बारे में व्याख्या करते हुए कहा कि आज सभीलोग अनेक प्रकार की परेशानियों से जूझ रहे हैं। आज की स्थिति को देखते हुए हमें अत्यधिक सजग रहने की आवश्यकता हैं। आज अभी लोग शुद्ध पानी, ताजी हवा, अत्याधिक गर्मी आदि की समस्या से जूझ रहे हैं। इससे निजात पाने के लिए हमें समुचित मात्रा में पानी खर्च करना चाहिए और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना चाहिए। लोगों को जल संरक्षण की भी उचित व्यवस्था करनी चाहिए ताकि भूमिगत जल का दुरूपयोग ना हो। इसी सोच को रखते हुए विद्यालय 15 अगस्त के बाद जल संरक्षण को देखते हुए विद्यालय परिसर में पनसोख्ता बनाने की तैयारी कर रहा है। जिससे वर्षा एवं अन्य दूषित जल को भूमिगत जल में परिवर्तित किया जा सके। जिससे भूमिगत जलस्तर में वृद्धि हो सके। विद्यालय प्राचार्या पूनम कुमारी ने बच्चों की तारीफ करते हुए कहा कि हमारे सभी बच्चे अत्यंत मेहनती एवं प्रतिभावान हैं। ‘होनहार वीरवान के होत चिकने पात’ वाली कहावत पर हमारे बच्चे बिलकुल खरे उतरते हैं। इस बात का अन्दाजा उनके द्वारा बनाए गए मॉडलों एवं कलाकृतियों को देखकर लगाया जा सकता है।


Posted by

Raushan Pratyek Media


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