राजू सिंह कि रिपोर्ट 

दरभंगा :-कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ० कन्हैया चौधरी ने कहा कि वर्तमान के सभी युवाओं को सुभाष चंद्र बोस से अदम्य साहस और त्याग की भावना को धारण करना चाहिए। भारत को आजाद कराने में सुभाष बाबू की योगदान को भुला नहीं जा सकता है उनके द्वारा स्थापित आजाद हिंद फौज ने जिस प्रकार से अंग्रेजों के छक्के छुड़ाए और भारत छोड़ने पर मजबूर किए वो अकल्पनीय है।इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित आदित्य नारायण 'मन्ना' ने कहा कि सुभाष बाबू त्याग और राष्ट्र प्रेम के पुजारी थे। परंतु पूर्व के सरकार ने जो उनके द्वारा भारत को आजाद करने में किए गए कार्य को उपेक्षित किया वह निराशाजनक था। वहीं वर्तमान सरकार ने जिस प्रकार से सभी युवाओं के पूजनीय सुभाष चंद्र बोस को सम्मान के रूप में उनके जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया यह विशेष सराहनीय बात है।वहीं आज के इस स्वामी सुभाष चंद्र बोस जी के जयंती पर वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें प्रथम मोहित पांडे द्वितीय निरुपमा कुमारी एवं तृतीय शालिनी झा एवं कोमल नागवंशी ने संयुक्त रूप से प्राप्त किया। प्रथम विजेता को एक सौ एवं द्वितीय विजेता को पचास तृतीय विजेता को पच्चीस पच्चीस रुपए के पुरस्कार से प्रोत्साहित किया गया। वाद विवाद प्रतियोगिता में जज के रूप में डॉ० प्रमोद जी,पवन जी एवं गीतेश जी उपस्थित थे।

कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत गान आकांक्षा कुमारी एवं रुपाली कुमारी ने गाकर किया और अतिथियों का स्वागत मणिकांत ठाकुर ने किया कार्यक्रम का संचालन मुकेश कुमार झा ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन धीरज कुमार ने किया।इस अवसर पर अनुप्रिया, रूपाली,अर्चना,अपूर्व,सागर, विशाल चौधरी,विकास,सुबोध चौधरी सहित कई युवा उपस्थित थे।


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Posted by : Raushan Pratyek Media

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