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नीरज कुमार की रिपोर्ट

दरभंगा:- विगत 21 व 22 जुलाई को हुई भारी बारिश तथा नेपाल की तराई में कमला बलान, बागमती व कोसी नदी के कैचमेंट एरिया में भारी बारिश होने के कारण इन नदियों में आई बाढ़ से दरभंगा जिला वर्तमान में बाढ़ प्रभावित है। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में संबंधित अंचलाधिकारियों एवं प्रखंड के वरीय प्रभारी पदाधिकारियों द्वारा लगातार भ्रमण कर बाढ़ राहत कार्य एवं बाढ़ निरोधक कार्य कराए जा रहे हैं। जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम द्वारा लगातार बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की निगरानी की जा रही है तथा संबंधित अधिकारियों/अभियंताओं को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं। 

आपदा प्रबंधन शाखा, दरभंगा द्वारा जारी प्रतिवेदन के अनुसार दरभंगा जिला के सदर दरभंगा, बहादुरपुर, हायाघाट, हनुमाननगर, जाले, सिंहवाड़ा, केवटी, बहेड़ी, बेनीपुर, गौड़ाबौराम, घनश्यामपुर, किरतपुर, कुशेश्वरस्थान व कुशेश्वरस्थान पूर्वी, कुल 14 प्रखंड के कुल 186 पंचायत बाढ़ प्रभावित हैं, जिनमें 126 पंचायत पूर्णतः एवं 60 पंचायत अंशतः प्रभावित हैं, जिनमें 809 गांव के 16 लाख 29 हजार 880 परिवार प्रभावित हुए हैं। सभी प्रभावित स्थानों पर प्रभावित व्यक्तियों के लिए सामुदायिक रसोई चलाकर भोजन की व्यवस्था कराई गयी है। वर्तमान में पानी से घिरे 809 गांवों में 530 सामुदायिक रसोई का संचालन किया जा रहा है, जिनमें 1 लाख 93 हजार 167 व्यक्ति सुबह शाम भोजन कर रहे हैं। आवश्यकतानुसार पॉलीथिन शीट्स का वितरण किया जा रहा है अभी तक 30 हजार 703 पॉलिथीन शीट वितरण करवाया जा चुका है। इसके अतिरिक्त संबंधित प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी को प्रभावित क्षेत्रों की जरूरत के हिसाब से मांग भेजने का भी निर्देश दिया गया। 

वैसे बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों जहाँ सूखा एवं ऊंचा स्थान नहीं मिलने के कारण सामुदायिक रसोई का संचालन नहीं हो सकता है वहाँ सूखा खाद्य पैकेट का वितरण करवाया जा रहा है। आज 7060 सूखा फ़ूड पैकेट का वितरण करवाया गया है एवं अन्य प्रखंडों से जिला भंडार गृह से आवश्यकता अनुरूप पैकेट्स मांगने एवं वितरित करने का निर्देश दिया गया है। 

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के आवागमन एवं राहत कार्यों के लिए 368 निजी एवं 45 सरकारी, कुल 413 नाव चलवाये जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की 03 टीमें लगायी गयीं हैं, जिनमें 90 व्यक्ति 17 मोटर वोट के साथ तैनात किए गए हैं, जो बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार रेकी कर बचाव एवं राहत कार्य कर रहे हैं।

एसडीआरएफ की टीम ने मेडिकल टीम के साथ सिंहवाड़ा के कई बाढ़ प्रभावित गांव का भ्रमण किया तथा समस्याग्रस्त लोगों का इलाज करवाया। एसडीआरएफ टीम के द्वारा कई बाढ़ प्रभावित गांव के अनेक गर्भवती महिलाओं को मोटरबोट से ले जाकर उनका इलाज करवाकर पुनः गांव वापस पहुंचाया गया। 

बाढ़ प्रभावित गांवों में 61 स्थलों पर स्वास्थ्य शिविर का संचालन किया जा रहा है, जहाँ अब तक 7978 व्यक्तियों का इलाज किया गया है तथा उन्हें निःशुल्क दवा मुहैया कराई गई है। 

पानी को शुद्ध पेयजल बनाने के लिए बढ़ प्रभावित क्षेत्र के प्रभावित परिवारों के बीच 7326 हैलोजन टेबलेट वितरित किए गए हैं। स्वच्छता बनाये रखने के लिए बाढ़ प्रभावित गांव के नालियों एवं कचड़े वाले स्थलों पर 300 किलोग्राम ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया गया है।

पीएचईडी द्वारा लगातार नए आश्रय स्थलों पर चापाकल हलाया जा रहा है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पशुओं के उपचार एवं उनकी देखभाल के लिए 04 पशु कैप कार्यरत हैं, जिनमें 318 पशुओं का उपचार किया गया है। अबतक लगभग 300 क्विंटल पशु चारा का वितरण करवाया गया हैl

  


  




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