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रिपोर्ट: नीलम कौर,

बरारी/कटिहार (बिहार): गंगा सोन बाढ़ सुरक्षा प्रमंडल दीघा के इन्जीनियर चन्द्रकांत कुमार का कर्तव्य पर बने रहते कोरोना से हुई मौत पर बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल काढ़ागोला अभियंताओ एवं समन्यवय समिति ने शोक सभा कर श्रद्धांजलि दी । सरकार से कनिय अभियंता के परिवार को पचास लाख का मुआवजा देने की मांग की। करोना से कल गंगा सोन बाढ़ सुरक्षा प्रमंडल दीघा, पटना के एक कनीय अभियंता ई. चन्द्रकान्त कुमार काल कलवित हो गए। पटना शहर को बाढ़ से सुरक्षा करने के कार्य में मजदूरों के साथ वे काम करा रहे थे। पटना के कुम्हरार महल्ला में वे रहते थे। उन्हें कुछ पता नहीं चला कि वे कब करोना संक्रमित हो गए।

 एक सप्ताह पूर्व से उन्हें रूक रूक कर बुखार आ जाता था । विभागीय दबाव के कारण उन्हें छुट्टी  भी नहीं दिया गया और वे बुखार का दवा खाकर पटना के बाढ़ सुरक्षा का कार्य करते रहे । सर्दी खाँसी आदि का कोई लक्षण दिखाई नहीं दिया और कल एका एक उन्हें साँस लेने में तकलीफ होना शुरू हुआ। वे अपने कार्य क्षेत्र से घर आए।  परिवार के लोग प्राईवेट अस्पताल में भर्ती कराना चाहा। लेकिन कोई प्राईवेट अस्पताल भर्ती नहीं किया। अंत में उन्हें नालंदा मेडिकल कालेज अस्पताल में ले जाया गया जहाँ शाम छः बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस प्रकार सरकार के वेरहम नीति के आगे एक कुशल अभियंता अपने कर्तव्य के बलि वेदी पर शहीद हो गया। आज उनके आत्मा के शांति के लिए बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल काढ़ागोलाच के अभियंताओं ने एक शोकसभा अभियंत्रण सेवा समन्वय समिति के संयोजक ई. अंजनी कुमार, एस. डी. ओ. के अध्यक्षता में की जिसमें सरकार के दबाव में काम कराने की नीति की भर्त्सना की गई। दो मिनट का मौन रख कर उनके आत्मा के शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित कर सरकार से मृत अभियंता पचास लाख रुपए मुआवजा एवं पत्नी को सरकारी नौकरी की मांग की गई। साथ ही इस करोना काल में अपना जान हथेली पर रख कर बाढ़ सुरक्षा एवं सिंचाई कार्य में  लगे सभी अभियंताओं को पचास लाख रुपये की बीमा करने की मांग की गई। 

इस शोकसभा में कार्यपालक अभियंता ई. प्रमोद कुमार, सहायक अभियंता ई. जिलानी, ई. प्रकाश कुमार, ई. उदयकांत मंडल एवं कनीय अभियंता गण ई. राकेश, ई.अमित, ई. हिटलर, ई. ओमप्रकाश, ई.शीव नारायण मंडल, ई. राम दुलार महतो आदि ने भाग लिया। संयोजक ई. अंजनी कुमार ने पूरे बिहार के अभियंताओं से अपील की है कि मृत अभियंता के परिवार को  चंदा करके पांच लाख रुपए की साहायता राशि प्रदान की जाय। क्योंकि मृत अभियंता संविदा के हैं। उनके परिवार को अभी वर्त्तमान में सरकारी नौकरी एवं पेंशन मिलने का प्रावधान नहीं है।

  


  




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