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अश्वनी कुमार ब्यूरो रिपोर्ट

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी, रोहतास, गया, पूर्णिया तथा बेगूसराय के जिलाधिकारियों से  क्वॉरेंटिन सेंटरों के अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री को बताया गया कि सेंटर पर कितने कमरे हैं, कितने लोग वहां रह रहे हैं। शौचालय की संख्या, परिसर की समुचित साफ-सफाई, रसोईघर की स्थिति, सीसीटीवी तथा वहां कार्य करनेवाले लोगों की संख्या, स्नानागार, पेयजल की व्यवस्था आदि के संबंध में जानकारी के साथ-साथ मुख्यमंत्री को इन सभी व्यवस्थाओं को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिखाया गया।

मुख्यमंत्री ने क्वॉरेंटिन सेंटरों में रह रहे लोगों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधा संवाद किया तथा उनका हाल चाल जाना एवं क्वॉरेंटिन सेंटरों पर उपलब्ध सुविधाओं के बारे में उनकी राय जानी। क्वॉरेंटिन सेंटरों में रह रहे प्रवासियों ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर की गयी व्यवस्थाओं को सराहा। सभी ने कहा कि उन्हें किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। मुख्यमंत्री ने बेगूसराय के मध्य विद्यालय, मोहनपुर स्थित क्वॉरेंटिन सेंटर पर रांची से आयी प्रवासी महिला से बातचीत के दौरान पूछा कि वो कब आयीं, वहां क्या करती थीं, यहां कितने दिनों से हैं। इस सेंटर पर की गयी व्यवस्थाओं के बारे में भी उनसे जानकारी ली।प्रवासी महिला ने बताया कि केंद्र पर तीन समय भोजन मिलता है। उन्हें किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। मच्छरदानी, बिछावन के अलावा बरतन, साबुन, कपड़े एवं अन्य जरूरी सामान भी दिये गये हैं। पश्चिम चंपारण के बाल सुधार गृह बेतिया के केंद्र पर गुरुग्राम (गुड़गांव) से आये रामबली ने बताया कि वे पेवर ब्लॉक के बेहतर कारीगर हैं और वे इस सेंटर पर पेवर ब्लॉक बना रहे हैं। अब तक इस सेंटर पर सात हजार पेवर ब्लॉक बनाये जा चुके हैं। इस सेंटर पर अन्य प्रवासियों के द्वारा मास्क भी बनाये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों के स्किल के अनुरूप नये उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है।पेवर ब्लॉक उद्योग की बिहार में असीम संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जल-जीवन-हरियाली, घर तक पक्की गली-नालियां एवं अन्य योजनांतर्गत किये जा रहे कार्यों में पेवर ब्लॉक का इस्तेमाल करें।

पूर्वी चंपारण के राम अयोध्या सिंह कॉलेज, पकड़ीदयाल के सेंटर पर गुड़गांव से आयी महिला से संवाद कर मुख्यमंत्री ने उन्हें मिल रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली. प्रवासी महिला ने बताया कि वो गुड़गांव से आयी हैं। वहां पर वे सिलाई का काम करती थीं। क्वॉरेंटिन सेंटर पर उन्हें किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है गया के एसएन सिन्हा कॉलेज टेकारी के केंद्र पर मुख्यमंत्री ने सूरत से आयी महिला से संवाद करते हुए पूछा कि वो इस सेंटर पर कब आयीं और सूरत में क्या करती थी और केंद्र पर उन्हें क्या-क्या सुविधाएं मिल रही हैं. महिला ने जवाब देते हुए कहा कि यहां उन्हें सारी सुविधाएं मिल रही हैं। किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। वे सूरत में सिलाई का काम करती थीं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जीविका से भी जोड़ कर महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाये। मधुबनी जिले के पोल स्टार स्कूल रहिका ब्लॉक में हैदराबाद से आये एक प्रवासी श्रमिक ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे हैदराबाद के होटल में कुक का काम करते थे और उन्हें कई तरह के कॉन्टीनेंटल फूड बनाने का अनुभव है. इस सेंटर पर उन्हें किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने भी बिहार में ही रह कर कार्य करने की इच्छा जतायी. दरभंगा के डीपीएस स्थित क्वॉरेंटिन सेंटर पर मुंबई से आये एक श्रमिक ने बताया कि वे वहां ड्राइवर का काम करते थे। यहां आने पर उनकी मेडिकल जांच करायी गयी और सेंटर पर क्वॉरेंटिन रहने के दौरान खाने-पीने के साथ-साथ अन्य सारी सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान क्वॉरेंटिन सेंटरों पर रह रहे लोगों से अपील की कि सभी को क्वॉरेंटिन में रहना जरूरी है। यही सभी लोगों के हित में है, सभी लोग सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन करें। कोरोना से बचाव का यही प्रभावी उपाय है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बाहर से आये सभी लोगों को बिहार में ही काम दिया जाये। इच्छुक लोगों को जॉब कॉर्ड बनाया जाये। सभी को उनके स्किल के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराएं। श्रमिकों के स्किल के अनुरूप नये उद्योगों को बढ़ावा दें। जीविका से भी जोड़ कर महिलाओं को रोजगार दें ।मुख्यमंत्री ने प्रवासियों से कहा कि बिहार में ही रहिए। अपने श्रमबल एवं स्किल का यहीं उपयोग कीजिए। आप सभी लोग बिहार के विकास में भागीदार बनें।।

  


  




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