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पूर्णियां से मलय झा की रिपोर्ट 

पूर्णियां : लॉकडाउन में बाहर फंसे प्रवासी मजदूरों और छात्रों को लेकर दो स्पेशल ट्रेन देर शाम पूर्णियां जंक्शन पर पहुंची। पूरा प्रशासनिक अमला स्टेशन पर प्रवासियों का ताली बजाकर स्वागत किया। ट्रेन से उतरने वाले व्यक्ति के सामान को पूरी तरह.सेनिटाइज किया गया।  एक ट्रेन में गुजरात के सूरत से 1250 और महाराष्ट्र के नंदूरबाड़ से 1278 लोग पूर्णियां पहुंचे। ट्रेन से उतरने वाले लोगों के चेहरे पर घर लौटने की खुशी नजर आ रही थी मगर कोरोना का डर भी दिखा। इसके मद्देनजर जंक्शन पर सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई थी। पर्याप्त संख्या में पुलिस के जवानों को तैनात किया गया था। सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखा गया। प्रवासी लोगों के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखी। बाहर से आनेवाले छात्रों और मजदूरों के लिए शुद्दपेयजल फल, बिस्किट और लिट्टी युक्त फूड पैकेट की व्यवस्था की गई थी। बारी बारी से स्टेशन पर बने मेडिकल काउंटर पर सबों की मेडिकल स्क्रीनिंग की गई। सूरत के स्पेशल ट्रेन से 36 जिले के लोग पहुंचे जबकि नंदूरबाड़ से आनेवाली ट्रेन में 1278 पूर्णियां कटिहार के छात्र और मजदूर शामिल थे। निबंधन कराने के बाद सभी को बस द्वारा संबंधित जिले के में भेज दिया जाएगा। डीएम राहुल कुमार  ने बताया कि प्रवासियों की जांच के बाद उन्हें अपने जिले में भेजने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि संदिग्ध मरीज मिलने.पर उसके लिए विशेष व्यवस्था की गई है। लोगों को मास्क और साबुन भी उपलब्ध कराया गया।  एसपी विशाल शर्मा ने कहा कि पुलिस बल के जवानों की निगरानी में प्रवासियों गृह जिले और क्वारेंटाइन सेंटर में भेजा जा रहा है। स्टेशन के बाहर लगी बस में जांचोपरांत लोगों को बस में बिठाकर रवाना किया गया। ट्रेन से उतरने वाले लोगों ने नाराजगी का इजहार करते हुए अपना दर्द बयां किया। स्पेशल ट्रेन से आनेवाले यात्री ने कहा कि ट्रेन का किराया देकर यहां तक पहुंचे हैं। ट्रेन में सुविधा के सवाल पर यात्री ने कहा कि खाने पीने की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। पूर्णियां से बस द्वारा रवाना होनेवाले यात्रियों को जिला प्रशासन द्वारा फूड पैकेट और पानी उपलब्ध कराया गया। प्रवासियों ने जिला प्रशासन के कार्यों की जमकर तारीफ की।।

  


  




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