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सिरदला से दिनेश गुप्ता के साथ नरेश भारती की रिपोर्ट ।

सिरदला :-कोरोना संकट के दौर में सरकार द्वारा गरीब और जरूरतमंदों की मदद के लिए उठाए जा रहे तमाम कदमों को जिले के अधिकारी ही पलीता लगाने में जुटे हुए हैं। आलम ये है कि गरीबों के लिए भेजे जा रहे सरकारी राशन के वितरण में चल रही हेराफेरी को अधिकारी ही शह दे रहे हैं। यही कारण है कि 15 दिन बीतने के बाद भी तमाम शिकायतों के बावजूद सिरदला बाजार के राशन डीलर के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जबकि जाच कर रहे प्रखंड विकास पदाधिकारी के सामने राशन डीलर का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया था।

ग्रामीणों ने जांच कर रहे बीडीओ के सामने खोला राशन डीलर का कच्चा चिट्ठा पर प्रशासन मौन है।


मामला सिरदला प्रखंड  क्षेत्र के नीमदा गांव का है। जहां राशन डीलर नरेश चौधरी के खिलाफ तमाम शिकायतों के बाद भी अधिकारी कार्रवाई करने को तैयार नहीं हैं। अंगूठा लगवाकर भी एक एक माह छोड महीने का राशन न देने और घटतौली,अधिक राशि की तमाम शिकायतों के बाद बीडीओ अखिलेश्वर कुमार ने बीते 15 अप्रैल को शिकायतों की जांच करने सिरदला बाजार पहुंचे तो तमाम कार्डधारियों ने डीलर की करतूतों का कच्चा चिट्ठा बीडीओ अखिलेशवर कुमार के सामने खोल दिया। ग्रामीणों ने बताया कि बीते पांच छह माह से उन्हें कभी भी समय से और पूरा राशन नहीं दिया गया है। डीलर मशीन पर अंगूठा लगवाकर उन्हें पर्ची नही देता है जिसके बाद वह महीनों तक चक्कर काटते रहते हैं लेकिन उन्हें राशन नहीं दिया जाता। कई ग्रामीणों ने शिकायत की उन्हें पूरा राशन भी नहीं मिलता, कभी डीलर पांच किलो कम देता है तो कभी दस किलो। मांगने पर यह कहकर टाल देता है कि अभी कम है अगली बार मिल जाएगा। जांच कर रहे प्रखंड विकास पदाधिकारी ने सभी ग्रामीणों के कलमबंद बयान दर्ज किए।

उस समय बीडीओ अखिलेश्वर कुमार ने आक्रोशित ग्रामीणों को आश्वासन दिलाया  कि डीलर के खिलाफ अधिकारियों को रिपोर्ट दी जाएगी। लेकिन 15 दिन बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि विभागीय मिलीभगत के बाद इस मामले को ठंडे बस्ते में डालने की तैयारी है। इस बात में इसलिए भी दम दिख रहा है कि अपनी अपनी शिकायत नीमदा के दर्जनों ग्रामीण सीधे प्रखंड कार्यालय पहुँच कर किये थे। जहां से सीधे प्रखंड विकास पदाधिकारी सिरदला बाजार अवस्थित डीलर के पास पहुचे थे । वहीं एक एक ग्रामीण से गहन पूछताछ किया था । और एक एक कर दर्जनों ग्रामीण का बयान दर्ज किया गया था । पूरी जांच लगभग दो से तीन घन्टे तक चली थी । वहीं बीडीओ अखिलेश्वर कुमार ने ग्रामीणों के साथ साथ मीडिया कर्मी को बतया था कि डीलर के द्वारा घोर अन्याय किया गया है जिसे माफ करने लायक नही है ।और आज ही करवाई करने की बात कही । जो 15 दिनों बाद भी कोई करवाई नही होने से प्रशासन पर कई तरह के सवाल खड़े होतें हैं ।

सूत्रों की मानें तो डीलर को विभागीय अधिकारियों की भी पूरी शह है इसलिए कई बार शिकायत होने के बावजूद आज तक डीलर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। विभाग में डीलर की पैठ का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि कोरोना संकट के बीच राशन वितरण के लिए हर डीलर के यहां एक नोडल अधिकारी बनाए गए है फिर भी हालत वही है ।

 ऐसे में साफ है कि प्रशासन की मंशा डीलर के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उसे बचाने की है। अधिकारियों की इस कार्यप्रणाली का खामियाजा आम जनता को उठाना पड़ रहा है जिन्हें उनका हक नहीं मिल पा रहा है। वहीं कोरोना संकट के बीच आम जनता के लिए किए जा रहे सरकार के प्रयास भी सफल नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि इस संबंध में बात करने पर बीडीओ अखिलेश्वर कुमार ने कहा कि मैं अपने सम्बन्धित पदाधिकारी को अवगत करवा दिया हूँ ।।

  


  




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