Live

शेखपुरा। मैट्रिक की वार्षिक परीक्षा के उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन में योगदान नही करने बाले जिला के कुल 157 शिक्षकों पर जिला प्रशासन का डंडा चलना तय लग रहा है। इस सम्बन्ध में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश जारी कर दिया है। इन शिक्षकों के खिलाफ निलम्बन की कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया है। इससे पहले यहाँ इंटरमिडीएट की वार्षिक परीक्षा के मूल्यांकन में भी योगदान नही देने पर 24 शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। यह दंडात्मक कार्रवाई बिहार विधालय परीक्षा समिति के निर्देशों के आलोक में किया जा रहा है। उधर अपने मांगो को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे शिक्षको के कारण उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन कार्य में भाग नहीं लेकर धरना और प्रदर्शन में लगे हैं। इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुआ जिला शिक्षा पदाधिकारी नन्द किशोर राम ने बताया कि मैट्रिक परीक्षा के उत्तरपुस्तिका के लिए बिहार विधालय परीक्षा समिति द्वारा यहाँ दो मूल्यांकन  केंद्र बनाया गया था। मुरलीधर मुरारका बालिका उच्च विधालय और इस्लामिया उच्च विधालय में बनाये गये हैं। मूल्यांकन कार्य में भाग लेने के लिए जिले के कुल 338 शिक्षको को प्रतिनियुक्ति पत्र का तामिला करवा दिया गया था। मूल्यांकन कार्य में भाग नहीं लेने वाले सभी शिक्षको को चिन्हित कर कार्रवाई के लिए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को आदेश दे दिया गया है। मैट्रिक के उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन कार्य शुक्रवार 06 मार्च से शुरू किया जाना था। मूल्यांकन के प्रथम दिन केवल 16 शिक्षको ने ही योगदान दिया था। होली के अवकाश के बाद गुरुवार को फिर से मूल्यांकन कार्य शुरू हो गया है। अब देखना है कि प्रशासन और शिक्षा विभाग की सख्ती के बाद कितनी संख्या में शिक्षक मूल्यांकन कार्य में योगदान देते है।।


Posted by


जरूर पढ़ें