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अनिल अमोला ने रेणु जी को बताया धरती से जुड़ा कथाकार।

संतोष कुमार सिंह के साथ राहुल कुमार की रिपोर्ट।

हाजीपुर, वैशाली। हाजीपुर वैशाली फणीश्वर नाथ रेणु गांव की धरती से जुड़े कथाकार थे।उनकी रचनाओं में सामाजिक,आर्थिक व राजनीतिक विषमताओं का सजीव चित्रण है।वे कुप्रथाओं व कुरीतियों पर अपनी रचनाओं के द्वारा प्रहार करते थे।आज रेणु की रचनाओं से हमें सीख लेने की जरूरत है।उक्त बातें आज कुतुबपुर कोठी स्थित राय बीरेंद्र सिंह महाविद्यालय के सभागार मे आयोजित फणीश्वरनाथ भी रेणु जयंती समारोह के मौके पर बोलते हुए एल एन कालेज भगवानपुर के व्याख्याता डॉ.रणवीर कुमार राजन ने कही।प्राचार्य पवन कुमार राय की अध्यक्षता एवंअनिल कुमार मितभाषी के संचालन में संचालित जयंती कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अनिल कुमार अमोला ने कहा की रेणु गांव की धरती से जुड़े कथाकार थे।उनकी रचनाओं में सामाजिक,आर्थिक,राजनीतिक व धार्मिक विषमताओं का सच्चा चित्र उभरकर सामने आया है।उन्होंने अपनी रचनाओं में समाज की पीड़ा को स्थान दिया।मौके पर उपस्थित शिक्षक अनिल कुमार ने कहा कि रेणु एक कहानीकार के साथ-साथ एक स्वतंत्रता सेनानी भी थे।उन्होंने कलम तो चलायी ही,जरुरत के हिसाब से आजादी की लड़ाई का नेतृत्व भी किया।उनकी रचना नेपाली क्रान्ति कथा जिन्दा दस्तावेज है। वहीं शिक्षाविद् राहुल कुमार ने भी उनकी जीवनवृत पर प्रकाश डालते हुए उन्हे महामानव की संज्ञा दी। समारोह को संबोधित करने वालो में राजकिशोर दास,रवीन्द्र प्रसाद भक्त,डॉ.पूजा,प्रशांत कुमार,नीलम कुमारी,सुलेखा कुमारी,अनुराग आनंद,रामदास राम,ज्योति कुमारी आदि प्रमुख थे। कार्यक्रम की शुरूआत रेणु  जी के तैलचित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ।धन्यवाद ज्ञापन रमेश कुमार ने किया।।


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