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औरंगाबाद : बिहार के त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों में खुशी की लहर दौड़ रही है क्योंकि भत्ता की जगह अब वेतन एवं पेंशन का मामला सोमवार 2 मार्च 2020 को विधानसभा में उठाया गया जिसको विपक्षी सहित सभी दलों द्वारा एक सुर में इस मांग का समर्थन किया गया बीजेपी जदयू राजद सहित सभी दलों के विधान पार्षद एकमत दिखे जिसमें सोमवार को विधान परिषद में सदस्यों की मांग पर प्रभारी मंत्री अशोक चौधरी ने सरकार का पक्ष रखा प्रभारी ने बताया कि सरकार इस मांग पर समीक्षा करेगी इधर वार्ड सदस्य संघ के जिला अध्यक्ष सह प्रदेश उपाध्यक्ष अभय पासवान ने बताया कि पूर्व में सरकार को लिखित रुप से वार्ड संघ द्वारा भता की जगह वेतन करने एवं वेतन में बढ़ोतरी और पेंशन लागू करने के लिए पूरे प्रदेश के वार्ड सदस्य संघ के माध्यम से  मुख्यमंत्री के नाम आवेदन दिया गया था औरंगाबाद जिला में जिला स्तरीय महा धरना प्रदर्शन भी वार्ड संघ द्वारा 10 जनवरी 2020 को की गई थी जिसको सभी अखबार एवं न्यूज़ मीडिया ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था एमएलसी राजन कुमार सिंह को भी जिला अध्यक्ष द्वारा अपनी मांग को अवगत कराया गया था जिसको लेकर के विधानसभा में सबसे पहले राजेश राम रजनीश कुमार रीना देवी एवं औरंगाबाद के एमएलसी राजन कुमार सिंह द्वारा विधानसभा में वेतन एवं पेंशन की मांग को उठाया गया जिसको लेकर के अभय पासवान ने संघ की ओर से सभी दलों के पार्षदों को अभार ब्यक्त किया अभय पासवान द्वारा औरंगाबाद एमएलसी राजन कुमार सिंह को फोन पर आभार व्यक्त करते हुए वार्ड सदस्यों के खुशी के बारे में बताया और उन्हें लगातार विधानसभा में इस मांग को जारी रखने का अपील भी किया है  

पंचायत प्रतिनिधियों का नहीं मिलेगा पेंशन तो बढेगी सरकार का टेंशन मुखिया एवं वार्ड सदस्यों के संबंधों में नहीं है कोई खटास वेतन बढोतरी एवं पेंशन की मांग पर सभी पंचायत प्रतिनिधि एक साथ--अभय पासवान

वार्ड सदस्य संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सह औरंगाबाद जिला अध्यक्ष अभय पासवान ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि मुखिया संघ एवं वार्ड संघ के संबंधों में कोई खटास नहीं है और त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि सरपंच संघ,पंच संघ,पंचायत समिति संघ, सभी प्रमुख सभी जिला पार्षद  सांसद विधायक एवं विधान पार्षद के तर्ज पर सभी पंचायत प्रतिनिधियों को भी वेतन बढाने एवं आजीवन पेंशन मिलने जैसे महत्वपूर्ण मांग पर सभी एकमत के साथ है एवं अगर सरकार इस मांग को विधानसभा में पारित नहीं करती है तो सभी मिलकर के विधानसभा का घेराव शांतिपूर्ण करेंगे एवं सरकार से आर पार की लड़ाई लड़ी जाएगी सांसद विधायक एवं विधान पार्षद कि अगर वेतन पेंशन लेने के लिए अधिकार है तो पंचायत प्रतिनिधियों का भी संवैधानिक अधिकार है।।


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