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संतोष कुमार सिंह के साथ राहुल कुमार की रिपोर्ट।

हाजीपुर, वैशाली। शिव और शंकर में महान अंतर है।शिव बिंदू स्वरूप सम्पूर्ण चराचर जगत के आत्माओं के पिता है,वहीं शंकर स्थुल देहधारी देवता है।उक्त बातें प्रजापिता ब्रहमाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय महुआ स्थित सेवाकेन्द्र की संचालिका बीके दिव्या बहन ने महाशिवरात्रि व्रत के पावन अवसर पर शिव और शंकर के बीच गुढ़ रहस्य को बतातें हुए कहीं।उन्होने कहा की परमपिता शिव परमात्मा का अवतरण भारतभूमि की धरा पर हो चुका है जो अपने मीठे बच्चो को राजयोग की शिक्षा देकर पतित से पावन बना रहे है। इसके पूर्व सेवाकेन्द्र संचालिका बीके दिव्या के नेतृत्व में महाशिवरात्री के पूर्व दिवस पर भव्य मंगल कलश शांति शोभायात्रा निकाली गयी जो महुआ बाजार के विभिन्न मार्गो से गुजरकर पूर्व मुखिया उमाशंकर राय के आवासीय परिसर स्थित प्रांगण स्थित समारोह स्थल पहुँचा जहाँ पहुँचकर उक्त शोभायात्रा का विधिवत समामन किया गया। समारोह को बीके धर्मशीला माता,बीके आनंद भाई,बीके मंटु भाई,बीके शत्रुध्न भाई, बीके प्रयाग भाई, डॉ.भारती गुप्ता आदि ने संबोधित किया। इस मौके पर सत्येन्द्र कुमार, श्वेता कुमारी,दया देवी,सुनीता देवी सहित सैकड़ो बीके भाई-बहन उपस्थित थे।।


Posted by

Pawan Kumar


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