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:- बंटी राज आर्यन्स की रिपोर्ट

बिहारशरीफ। उदयपुरी-दीपनगर, बिहारशरीफ मेसर्स-उदयशंकर प्रसाद द्वारा संचालित विश्वकर्मा पूजा एवं विश्वकर्मा जयंती उदयपुरी-दीपनगर, बिहारशरीफ में 17 सितम्बर 2019 को जगत के रचियता भगवान विश्वकर्मा की पूजनोत्सव एवं समारोह में आये हुए श्रद्धालुओं के साथ श्रद्धा पूर्वक जयंती मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्ष्ता इंजीनियर उदयशंकर प्रसाद ने किया। कार्यक्रम में सभी पधारे हुए गणमान्य जन के द्वारा भगवान विश्वकर्मा के प्रतिमा पर दीप प्रज्जवलित कर पूजाअर्चना व माल्यापर्ण किया गया। मौके पर अध्यक्षीय सम्बोधन में उदयशंकर प्रसाद ने कहा कि आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाती है। भारतीय संस्कृति व समाज में हर कर्म और वस्तु के एक देवता हैं। चाहे वो पेड़-पौधे हो या वस्तु सभी को हम समान महत्व देते हैं। इसी क्रम में भगवान विश्वकर्मा को यंत्रों का देवता माना गया है। वर्तमान भौतिक युग यंत्र प्रधान है। यंत्र के अधिष्ठाता के रूप में भगवान विश्वकर्मा की मान्यता युगों-युगों से रही है। अनेक शास्त्रों में इनकी स्तुति की गई है। भगवान विश्वकर्मा ने मानव को सुख-सुविधाएं प्रदान करने के लिए अनेक यंत्रों व शक्ति संपन्न भौतिक साधनों का प्रादुर्भाव किया है। इनके द्वारा मानव समाज भौतिक चरमोत्कर्ष को प्राप्त कर रहा है। प्राचीन शास्त्रों में वैमानकीय विद्या, नवविद्या, यंत्र निर्माण विद्या आदि का भगवान विश्वकर्मा ने उपदेश दिया है। विश्वकर्मा पूजा के दिन खास तौर पर औद्योगिक क्षेत्रों में, फैक्ट्रियों, लोहे की दुकान, वाहन शोरूम, सर्विस सेंटर आदि में पूजा होती है। इस दिन मशीनों को साफ किया जाता है। उनका रंग रोगन होता है और पूजा की जाती है। इस अवसर पर नालंदा साहित्यिक मंडली “शंखनाद” के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत सिंह व राकेश बिहारी शर्मा ने कहा कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विश्वकर्मा को देव शिल्पी कहा जाता है। धर्मशास्त्र के अनुसार भगवान विश्वकर्मा ने समस्त अस्त्र, शस्त्र और भवन का निर्माण किया था। भगवान विश्वकर्मा ने सोने की लंका, पुष्पक विमान, इंद्र का व्रज, भगवान शिव का त्रिशूल, पांडवों के लिए इंद्रप्रस्थ नगर और भगवान कृष्ण की नगरी द्वारिका को बनाया था शास्त्रों में ऐसी मान्यता है। इस समारोह में इंजीनियर अभय शंकर प्रसाद, अशोक कुमार, इंजीनियर विजय शंकर प्रसाद, इंजीनियर आशीष शंकर, इंजीनियर रविशंकर, इंजीनियर शशिशंकर, प्रभात रंजन, प्रभाकर रंजन, कृष्णा शंकर, संजय कुमार सिन्हा, इंजीनियर बिनोद प्रसाद, अधिवक्ता वीरेंद्र प्रसाद, अविनाश मुखिया, अनिरुद्ध कुमार तथा प्लांट के कर्मचारियों में प्रधान इंजीनियर प्रदीप कुमार यादव, रणजीत कुमार, जयप्रकाश प्रसाद, श्रवण कुमार, योगेन्द्र प्रसाद, अश्वनी प्रसाद सहित बड़ी संख्या में श्रमिक और कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत एवं आभार प्रकट इंजीनियर रविशंकर द्वारा किया गया।

  


  




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