Live

:- चकिया पूर्वी चंपारण से अमितेश कुमार रवि की रिपोर्ट

चकिया,पूर्वी चम्पारण। प्रखंड क्षेत्र में हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलेहे वसल्लम के नवासे इमाम हुसैन के याद में मनाए जाने वाला  पर्व मुहर्रम शांतिपूर्ण व सौहार्द के  माहौल में संपन्न हो गया। पर्व को   लेकर गांव इमाद पट्टी, शैखी चकिया, अहारौलिया तथा नगर पंचायत के विभिन्न  वार्ड आदि से ताजिया व झंडा व परम्परागत ढोल ताशा तथा  लाठी-डंडे व ध्वनी विस्तारक यंत्र  के साथ पहलाम जुलूस निकाला गया ।जुलूस  अनुज्ञप्ति मे निर्धारित मार्ग से गुजरा ।  जो शहर के मन चौक स्थित कर्बला के मैदान मे पहुंचा । जहां पर एक गांव के लोगो ने दुसरे गांव वालों से झंडा मिलान किया ।कर्बला के मैदान मे खास कर युवाओं ने लाठी डंडे का खेल दिखा मौजूद लोगों का खुब मनोरंजन किया ।शाम ढलते अपने अपने गांव वापस हो गये । 

 कर्बला के पास मेले का भी आयोजन था जहां पर खाने  पीने  काष्ठ की बनी  वस्तुएं खिलौने आदि की खूब खरीद बिक्री हुई।

 

पर्व को लेकर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था ।इस बाबत थानाध्यक्ष एचएन सिंह बताया कि थाना क्षेत्र में मोहर्रम पर्व  शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया ।

वही बीती रात उक्त गांव से गंवारा  जुलूस  निकाला गया था जो शहर के  सुभाष पहुंच एक दूसरे से झंडा व ताजिया  मिलान किया  गया था।  गांव तरनिया ,  देवपुर, बांसघाट , शेरपुर , रामडिहा  आदि मे भी ताजिया जुलूस निकाला गया ।गांव तरनिया मे परम्परागत रीति रिवाज के तहत  ताजिया के साथ युवाओं ने गांव का भ्रमण किया तथा दुसरे सम्प्रदाय के लोगों ने ताजिया का दर्शन किया और ताजिया पर  उपहार चढा  सम्प्रदायिक  सौहार्द का मिशाल कायम किया ।

वहीं बीती रात मोहर्रम को लेकर गांव ईमाद पट्टी स्थित मदरसा अनवारूल ओलुम के परिसर मे   जलसे का आयोजन किया गया था। इस दौरान मौलाना मोहम्मद आदिल ने कहा कि  कर्बला की जंग  हक एवम्  बातिल   के बीच हुई थी ।जिसे मोहर्रम  के नाम से जाना जाता है। ईमाम हुसैन हक की लड़ाई लड़ी थी और इंसाफ के इस जंग मे  अपने पूरे परिवार समेत 72 लोगों  के साथ शहादत दिया था ।अंत मे दुसरे बातिल पक्ष अताताई यजीद की बड़ी पराजय हुयी । गम के इस  पर्व मे  खुशी मनाना ढोल ताशा आदि बजाना गैर  इस्लामिक तरीका बताया।


Posted by

Raushan Pratyek Media


जरूर पढ़ें

Stay Connected