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:- जमुई से प्रशांत किशोर की रिपोर्ट

- सूबे बिहार में कुपोषण को लेकर जमुई जिला किस पायदान पर है ICDS की डीपीओ नहीं बता पाई।

जमूई समाहरणालय के संवाद कक्ष में राष्ट्रीय पोषण माह के तहत सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में 2022 तक कुपोषण मुक्त जमुई जिला बनाने पर जोर दिया गया। जमुई जिला के उप विकास आयुक्त अरुण कुमार ठाकुर सिविल सर्जन डॉ श्याम मोहन दास जिला पंचायती राज पदाधिकारी संतोष कुमार आईसीडीएस की डीपीओ कविता कुमारी एनआईसी के राकेश कुमार तथा केयर इंडिया के संजय कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम में आईसीडीएस की डीपीओ कविता कुमारी ने देश को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लक्ष्य निर्धारित किया है इस अभियान को अंजाम तक पहुंचाने के लिए जिले में कार्य योजना तैयार किए गए हैं इसे धरातल पर उतारने में कई विभाग की भूमिका अहम है जिनके साथ समन्वय स्थापित कर कार्य किए जा रहे हैं साथ ही साथ जन सहयोग की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया है। 


कुपोषण मुक्त जमुई जिला बनाने के लिए आयोजित सेमिनार में डीडीसी ने बच्चों किशोरों और महिलाओं को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए स्वस्थ और मजबूत करने का वचन लिया साथ ही राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान हर घर तक सही से पोषण का संदेश पहुंचाने का संकल्प उपस्थित लोगों को संकल्प दिलाते हुए सही पोषण का मतलब पौष्टिक आहार साफ पानी और सही प्रथा को अपनाने के लिए लोगों को प्रेरित करना है। पोषण अभियान को देशव्यापी जन आंदोलन के साथ हर घर हर विद्यालय हरगांव एवं हर शहर से पोषण युक्त समाज निर्माण की गूंज फैलाने की भी शपथ दिलाई गई। 

वहीं आयोजित सेमिनार के मौके पर पत्रकारों द्वारा आईसीडीएस की डीपीओ कविता कुमारी से जब सूबे बिहार में कुपोषण को लेकर जमुई जिले की अभी क्या स्थिति है और कुपोषण के मामले में सूबे बिहार में जमुई जिला किस पायदान पर है इस सवाल पर कुछ भी जवाब नहीं दे पाए। जानकारी के अभाव में डीपीओ अगल बगल के अन्य पदाधिकारी से कोई जवाब लेने की कोशिश करने लगे तो वे पदाधिकारी भी जानकारी देने में असमर्थ दिखे।ऐसे में सवाल उठता है कि जिस पदाधिकारी के ऊपर जिले को कुपोषण मुक्त करने की पूर्ण रूप से जिम्मेवारी है उनके पास ही जब जिले से जुड़े सूबे के डाटा उपलब्ध नहीं है फिर किस लिहाज से जिले को कुपोषण मुक्त करने की तैयारी का हवाला दे रहे हैं।क्या कुपोषण को लेकर बिना बस्तुस्थिति की जानकारी के यह तैयारी कहीं सिर्फ कागजी खानापूर्ति ही बनकर रह जाएगी।


Posted by

Raushan Pratyek Media


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