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बक्सर से  सुमन्त सिंह की रिपोर्ट:-

बक्सर । डुमराँव टेक्सटाईल कालोनी निवासी रिटायर्ड फौजी गजेन्द्र तिवारी के 14 वर्षीय पुत्र आशीष की अपहरण के बाद अपराधियो ने हत्या कर दी थी जिसका शव सड़े गले अवस्था में एक खंडहरनुमा मकान में कल पुलिस ने बरामद किया था, हालांकि शव की इतनी बुरी स्थिति थी कि उसे पहचान कर पाना मुश्किल था, जब आशीष के माता पिता को शव की शिनाख्त के लिए बुलाया गया तो उसकी पहचान कपड़े और चप्पल के आधार पर कर ली गयी। जिसे लेकर वहाँ के स्थानीय लोगो मे काफी आक्रोश देखने को मिल रहा था, और आज सैकड़ो की संख्या में आक्रोशित लोगों ने पुलिस प्रशासन के कार्यशैली पर सवाल खड़ा करते हुए जमकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुलिस कप्तान उपेन्द्रनाथ वर्मा का पुतला दहन किया। आक्रोशित लोगों ने कहा कि हमने तीन दिन तक का वक्त पुलिस प्रशासन को दिया हैं अगर तीन दिनों तक इस हत्यकांड का उद्भेदन नहीं किया गया और हत्यारो को गिरफ्तार नही किया गया तो ये आंदोलन और भी उग्र एवं तेज होगा क्योंकि जो देश की सीमा पर खड़ा होकर रखवाली कर रहे फौजी का परिवार सुरक्षित नही है तो ये फिर कैसा पुलिस प्रशासन द्वारा कार्य किया जा रहा हैं, हमलोग चुप बैठने वाले नहीं है।

इस मामले पर जब डुमराँव एसडीपीओ के. के.सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी , साथ ही उन्होंने बताया कि यथाशीघ्र मामले का उद्भेदन कर लिया जाएगा।आम जनता से भी उन्होंने सहयोग करने की अपील भी की

बहरहाल अगर देखा जाय तो आशीष की हत्या तो पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल तो खड़ा कर ही रहा हैं, क्योंकि 6 अगस्त को आशीष का अपहरण होता है और 9 अगस्त को अपराधियो द्वारा आशीष के मोबाइल से ही 30 लाख की फिरौती मांगी जाती हैं जिसको लेकर आशीष के पिता डुमराँव पुलिस एवं सूबे के डीजीपी तथा मुख़्यमंत्री तक गुहार लगाते हैं कि मेरे बेटे को बचा लिया जाय, और डुमराँव पुलिस ये हमेशा आश्ववासन देते नही थकती की हम सभी संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रहे हैं, जब कि डुमराँव एसडीपीओ के आवास के महज कुछ ही दूरी पर आशीष का सड़ा - गला शव ग्रामीणों की सूचना पर बरामद की जाती हैं ऐसे मे ये कहना बिल्कुल गलत नही होगा कि बक्सर पुलिस का खुफिया तंत्र पूरी तरह से फेल हैं ।


Posted by

Raushan Pratyek Media


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