ग्रामीण स्तर पर विजिट कर सर्दी- खांसी वाले मरीजों का लिया जा रहा डाटा

जिले के सभी प्रखंड में चलाया जा रहा है सघन अभियान

किशोर कुमार की रिपोर्ट

मधुबनी :-जिले में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसलिए जमीनी स्तर के हेल्थ केयर सिस्टम को मजबूत करना जरूरी है। केयर इंडिया के तत्वावधान में कोविड-19 की रोकथाम एवं इलाज के लिए जिला के (आर एच पी) रूरल हेल्थ प्रैक्टिशनर यानी ग्रामीण चिकित्सा व्यवसायियों से केयर इंडिया के अधिकारियों द्वारा मिलकर सर्दी, खांसी, बुखार तथा कोरोना संक्रमित मरीजों का डाटा संग्रहित किया जा रहा है. डाटा संग्रहित करने का उद्देश्य है कि मरीजों को प्राथमिक स्तर में सही इलाज मिल पाए। साथ ही केयर इंडिया के द्वारा चिन्हित ग्रामीण चिकित्सकों को कोविड होम आइसोलेशन से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। माइल्ड कोविड मरीज का होम आइसोलेशन में उपचार तथा गंभीर स्थिति में कोविड केयर सेंटर में रेफर करने की जानकारी दी जाएगी।

आरएचपी को ऑनलाइन प्रशिक्षण देगा केयर इंडिया:

केयर इंडिया के डीटीएल महेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीण चिकित्सकों का चिकित्सा क्षेत्र में खास योगदान हुआ करता है। इसके लिए ग्रामीण चिकित्सकों को केयर इंडिया के द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा। उनके द्वारा कोरोना के मरीज को सही समय पर सही सलाह देना आवश्यक है। मरीज को देखने के समय इसे इतना भयानक नहीं बताया जाए, इसके लिए उन्हें जानकारी दी जाएगी। अधिकतर कोरोना संक्रमित होम आइसोलेशन में ठीक हो जाते है। ऐसा देखा जा रहा है कि जिनका ऑक्सीजन लेवल 98 से 95 हो जाता है, वह भयभीत हो जाते हैं और हॉस्पिटल का रुख करते है। चिकित्सक द्वारा  पर मरीज को वेंटीलेटर और रेमडेसिविर लेने की सलाह दी जाती है। लोगों में यह एक धारणा बन गई है कि रेमडेसिविर कोरोना की जादुई दवा है। ग्रामीण चिकित्सकों से मरीजों को ऐसा सुझाव नहीं देना चाहिए। उन्होंने बताया  मरीज को वेंटीलेटर की आवश्यकता तभी पड़ती है, जब ऑक्सीजन लेबल 95 फीसद के नीचे आ जाता है और सांस लेने में तकलीफ होती है। उस समय ऑक्सीजन (वेंटीलेटर) का सुझाव देना चाहिए। ऑक्सीजन का कहीं भी भंडारण नहीं किया जाना चाहिए। यदि इसका भंडारण किया जाएगा तो जरूरतमंदों को ऑक्सीजन नहीं मिल सकेगा। उन्होंने चिकित्सकों को कहा कि जिस परिस्थिति के लिए जिस दवा की आवश्यकता है, वहीं दिया जाए। कोरोना के विभिन्न स्टेज के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा ट्रीटमेंट प्रॉटोकॉल जारी किया गया है, इसकी पूरी जानकारी अच्छी तरह से ले ली जाए। सभी मरीज को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रेफर न करें। उनकी रिपोर्ट करें और टेस्टिग करावें। साथ ही कोरोना संक्रमण की रोकने के लिए मास्क का प्रयोग, शारीरिक दूरी का अनुपालन के लिए लोगों को जागरूक करें। टीकाकरण के लिए लोगों को प्रेरित करें। यदि किसी को टीका के संबंध में कोई संशय है, तो उसे दूर करने की जरूरत है। 

कोरोना से संबंधित दी जाएगी जानकारी:

केयर इंडिया के डीटीएल महेंद्र सिंह ने बताया ने बताया प्रशिक्षण में कोविड-19 संक्रमण से संबंधित अद्यतन जानकारी एवं सरकार द्वारा कोविड 19 संक्रमण के रोकथाम के लिए जारी गाइडलाइन के संबंध में जानकारी दी जाएगी। ग्रामीण चिकित्सकों को कोरोना का संक्रमण कैसे फैलता है और कोरोना की दूसरी लहर पहली लहर से किस तरह अलग है। कोरोना मरीजों की आपतकालीन चिकित्सीय देखभाल कब की जानी है एवं माइल्ड कोरोना केस में देखभाल करने के लिए घरेलू उपचार के संबंध में भी बताया जाएगा।


 


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Posted by : Raushan Pratyek Media

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