-जिले में अब तक हुई जांच में महज दो प्रतिशत लोगों में ही हुई है संक्रमण की पुष्टि

-महामारी से बचाव के लिये है टीकाकरण को अपनी ढाल बनाने की जरूरत 

-जिले में  रिकवरी रेट का बेहतर होना संतोषजनक 

रंजीत ठाकुर की रिपोर्ट

अररिया:- कोरोना संक्रमण के लिहाज से मई का महीना शुरू से ही महत्वपूर्ण माना जा रहा था। शुरू से ही इस दौरान संक्रमण के तीव्र प्रसार की संभावना व्यक्त की जा रही थी। बावजूद इसके संक्रमण से जुड़ी चुनौतियों से लोग तेजी से उबर रहे हैं। सिविल सर्जन अररिया डॉ एमपी गुप्ता इसे संतोषजनक मानते हैं। उन्होंने बताया जिले में संक्रमण से उबरने की दर राज्य के कई अन्य जिलों से बेहतर है। मई महीने में जिस तेजी से संक्रमण का प्रसार हो रहा है लोग उसी अनुपात में ठीक भी हो रहे हैं।

- संक्रमण के शिकार 2374 लोगों में 1937 हो चुके हैं स्वस्थ :

सिविल सर्जन ने बताया मई महीने में 32878 लोगों की हुई जांच में अब तक 2374 लोग संक्रमित मिले हैं।  इसमें 1937 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। जिले में संक्रमण के प्रसार की दर  7.22 प्रतिशत है। इस माह का रिकवरी रेट 81.59 रहा है। वैसे तो जिले में अब तक का रिकवरी रेट 84.6 फीसदी का है। फिलहाल 1764 कोरोना के एक्टिव मामलों में 97 फीसदी मरीज होम आइसोलेशन में इलाजरत हैं। महज 2.55 प्रतिशत कोरोना के गंभीर मरीजों का इलाज जिले में उपलब्ध सरकारी संस्थानों में हो रहा है। सिविल सर्जन ने कहा 5.76 लाख लोगों के प्राप्त जांच रिपोर्ट में महज दो फीसदी लोगों में ही अब तक संक्रमण की पुष्टि हुई है। लिहाजा संक्रमण को लेकर ज्यादा घबराने  की जरूरत नहीं। बल्कि सचेत होकर इससे बचाव संबंधी उपायों पर गंभीरता पूर्वक अमल करने की बात उन्होंने कही। 

- शहरी इलाके संक्रमण से ज्यादा प्रभावित :

जिले में हमेशा से व्यापारिक गतिविधियों के केंद्र में रहा अररिया व फारबिसगंज का शहरी इलाका संक्रमण से ज्यादा प्रभावित है। देखा जाये तो कोरोना संक्रमित 56 प्रतिशत मरीज इन्हीं इलाकों से हैं। अररिया में एक्टिव मरीजों की संख्या 418 तो फारबिसगंज में इसकी संख्या 574 है। कोरोना के कुल 1764 मरीजों में 992 मरीज इन्हीं दो शहर से हैं। इसके अलावा नरपतगंज प्रखंड का इलाका संक्रमण से ज्यादा प्रभावित है। जहां संक्रमितों की संख्या 221 है। इसके अलावा भरगामा में 143, रानीगंज में 109, जोकीहाट में 61, पलासी में 83, सिकटी में 52, कुर्साकांटा में संक्रमण के 78 एक्टिव मामले हैं। संक्रमित मरीजों में लगभग 70 प्रतिशत पुरूष व 29 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। 

- जैसे-जैसे टीकाकृत होंगे लोग घटने लगेंगे मामले :

डॉ गुप्ता ने कहा संक्रमण से बचाव का टीकाकरण महत्वपूर्ण जरिया है। जैसे-जैसे टीकाकृत लोगों की संख्या बढ़ेगी। संक्रमण के मामले स्वत: कम होने लगेंगे। उन्होंने टीकाकरण के प्रति युवाओं के उत्साह को सराहा। 18 साल से अधिक उम्र के तमाम लोगों को उन्होंने टीकाकरण के लिये प्रेरित किया। सिविल सर्जन ने कहा महामारी से बचाव के लिये टीकाकरण को अपनी ढाल बनाने की जरूरत है।


 


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Posted by : Raushan Pratyek Media

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