रंजीत ठाकुर की रिपोर्ट:-

अररिया :-अररिया भरगामा प्रखंड क्षेत्र के 361 वर्ष पुरानी दक्षिणेश्वरी जयनगर काली मंदिर में कोरोना जैसी महामारी के कारण इस वर्ष प्रशासन द्वारा भव्य आयोजन का अनुमति नही दिया गया.बताते चलें कि इस मंदिर का स्थापना वर्ष 1659 में मंदिर के वर्तमान पंडित तारानंद झा के पूर्वज बबुआ झा दक्षिणेश्वरी काली मंदिर कलकत्ता से मिट्टी लाकर कलकत्ता के पंडित रामकृष्ण परमहंस के द्वारा कच्ची मंदिर का स्थापना किया था.तब से इस मंदिर का पूजा,पाठ,देखभाल,रखरखाव उनके वंशज द्वारा किया जाता आ रहा है.बताया जाता है कि इस मंदिर का पक्की पुनर्निर्माण वर्ष 2000 में कराया गया है.यहां के ग्रामीणों का मानना है कि इस मंदिर में जो भी भक्त सच्चे मन से अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं उनकी मनोकामनाएं माता पूरी करती है.इतना हीं नही यहां दीपावली के 9 दिन पूर्व से हीं दूरदराज से कलाकार मंगवा कर नवाह संकीर्तन का भव्य आयोजन किया जाता है.और दीपावली के रोज हजारों की संख्या में मंदिर के वर्तमान पंडित तारानंद झा के छोटे भाई कलानंद झा द्वारा छागर,पाठी,पारा का बलि प्रदान भी किया जाता है.मंदिर के वर्तमान पंडित तारानंद झा,हीरानंद झा,आलोक वत्स,अनिल झा,भालचंद्र झा,ऋतिक झा,राहुल झा,सूरज झा,सत्यम झा आदि ने बताया कि इस वर्ष कोरोना महामारी के चलते प्रशासन द्वारा भव्य आयोजन की अनुमति नही मिलने के कारण नवाह संकीर्तन का भव्य आयोजन नही किया जाएगा बल्कि मंदिर का पूजा पूरे विधि विधान से किया जाएगा।


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Posted by : Raushan Pratyek Media

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