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बेतिया-65वीं वाहिनीं सशस्त्र सीमा बल बेतिया बगहा के बी समवाय  त्रिवेणी एवं एफ समवाय सीमा चौकी मटरिया अंतर्गत प्रखंड रामनगर जिला पश्चिमी चंपारण के कार्यक्षेत्र वाल्मीकि व्याघ्र आरक्षित जंगलों में 891 फलदार और छायादार पौधे लगाए गए।वही उप कमांडेंट/कार्यवाहक कमांडेंट अरविंद कुमार चौधरी की अगुवाई में समवाय त्रिवेणी के अंतर्गत वाल्मीकि व्याघ्र आरक्ष्य में कुल 445 बालवृक्ष एवं एफ समवाय परसा सीमा चौकी मटरिया  के अंतर्गत कुल 446 बालवृक्ष  कंपनी कमांडर ने अपने कार्य क्षेत्र में आने वाले वाल्मीकि व्याघ्र आरक्ष्य भागो में  कुल 891 बालवृक्ष लगाए गये।

65वीं वाहिनी ने कुल 16,000 बालवृक्ष लगाने का संकल्प लिया है। अभी तक 65वीं वाहिनी ने कुल 9800 बालवृक्ष  लगाया है। पेड़ों की विभिन्न प्रजातियां जैसे कि एम सॉल,कंचनार,गुलमोहर के बालवृक्ष से लगाए गए हैं।बी समवाय त्रिवेणी के कंपनी कमांडर उप निरीक्षक/सामान्य एम जॉय सिंह ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि पक्षी पेड़ों पर घोंसलों का निर्माण करते हैं।जिससे उन्हें आश्रय मिलता हैं। पेड़,जानवरों सहित अन्य प्रजातियों के लिए भी घर हैं। पेड़ों पर फल लगते हैं। जो पक्षियों,जानवरों और मनुष्यों के लिए भोजन हैं। वृक्ष,वायु,प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हानिकारक गैसों को ना केवल अवशोषित करते हैं बल्कि जल प्रदूषण को भी नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बारिश के दिनों में भूमि कटाव को रोकते हैं। पेड़ों के पत्तों से भूमि उपजाऊ  हो जाती हैं अन्य जीव जंतु को रहने के समान स्थान देते हैं और अन्य बहुमूल्य खनिज संपदा भी इन्हीं की देन है।सीमा चौकी मटरिया के कमांडर सहायक उपनिरीक्षक/सामान्य हुकुम सिंह ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर पेड़ नहीं होते तो पृथ्वी पर जीवन संभव नहीं होता।पेड़ हमारी प्रकृति हैं।जो कि पूरी पृथ्वी को हरा-भरा और खुशहाल बनाए रखते हैं।पेड़ जीवनभर हमें कुछ ना कुछ देते ही रहते हैं फिर भी हम अपने निजी स्वार्थ के लिए पेड़ों को काट देते हैं।आज यह बहुत ही बिडंबना का विषय है कि जो पेड़ हमें जीवन दे रहे हैं। हम उन्हीं को नष्ट करने पर तुले हुए हैं अगर हमें पृथ्वी को बचाए रखना है, तो अधिक से अधिक मात्रा में पेड़ लगाने होंगे।पेड़ प्रकृति का अनमोल उपहार हैं।पेडों के कारण ही यह् हरी-भरी तथा खुशहाल नजर आती हैं।पेड़  सच्चे योद्धा हैं। जो जन्म से लेकर  ही हमारे लिए प्रदूषण से लड़ते रहते हैं और हमें स्वच्छ और सुंदर वातावरण देते हैं।पेड़ हमारी पृथ्वी पर हजारों वर्षों से हैं।ये चल फिर नहीं सकते। लेकिन इंसानों की तरह श्वास ले सकते हैं। पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करके हमें शुद्ध आक्सीजन प्रदान करते हैं। इस मौके पर वन विभाग के कर्मचारीगण एवं एसएसबी के तमाम  जवान आदि उपस्थित रहे।

  


  




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