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 रंजीत ठाकुर की रिपोर्ट:- 

 अररिया:- देश में नई शिक्षा नीति के लागू होने के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नरपतगंज के नगर मंत्री विशेष कुमार ठाकुर ने कहा कि वामपंथियों द्वारा तैयार की गई पूर्व की शिक्षा नीति जो महज लोगों को डिग्रियों में बांधने का काम करती थी, अब वहां समाप्त हो गई है एवं छात्र-छात्राएं अब अपनी स्किल एवं रुचि के आधार पर शिक्षा ग्रहण करेंगे।वर्षों से अभाविप इसकी मांग जोर शोर से करती रही थी।

साथ ही साथ अब शिक्षा व्यवस्था में स्थानीय भाषाओं, स्थानीय साहित्य ,स्थानीय संस्कृति के साथ- साथ देश के अंदर मौजूद वर्षों से सांस्कृतिक विरासत का अध्ययन एवं छात्र-छात्राएं कर सकेंगे।

  नगर मंत्री श्री ठाकुर ने कहा कि इस तरह की शिक्षा नीति के तहत और भारत में हर किसी को शिक्षित करने का सपना पूरा हो सकेगा । साथ ही एचआरडी मंत्रालय का नामांकन शिक्षा मंत्रालय के नाम से होना कहीं न कहीं यह दर्शाता है कि अब सभी आम लोगों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बहुत जल्द मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि हमारे देश के अंदर छुपे हुए सांस्कृतिक ज्ञान, मूल्य एवं विरासत उनके आधार पर छात्र-छात्राओं को उन्हें सीखने के साथ-साथ उन पर गर्व करने का भी मौका मिलेगा।

नई शिक्षा नीति में पर्यावरण, कला ,खेल क्षेत्रों को प्राथमिकता विशेष रूप से दी गई है। भारत की विविध भाषाओं को ध्यान में रखते हुए से तैयार की गई है तथा इसमें शिक्षा के आदान-प्रदान को ऊपर से नीचे तक इसके इस्तेमाल पर जोर दिया गया है। नई फॉर्मेट में जारी शिक्षा नीति में  21 वीं सदी में स्किल पर विशेष जोर दिया गया है ताकि छात्र-छात्राएं अपने परंपरागत मौजूद इस स्किल के आधार पर शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे और उसके आधार पर आगे बढ़ सकेंगे।

उन्होंने केंद्र की सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि भारत की जनता बेसब्री से इस शिक्षा नीति का इंतजार कर रही थी जिसका सपना मोदी सरकार ने पूरा किया।इसके लिए देश की तमाम जनता सभी शिक्षाविद एवं सभी छात्र-छात्राओं में हर्ष एवं खुशी का माहौल है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद  इस नई शिक्षा नीति का स्वागत करती है।

  


  




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