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- मधु बेचकर कर घर-परिवार के लिए कर रही हैं जीविकोपार्जन

रिपोर्ट: विश्वमोहन कु०विधान,

तारापुर/मुंगेर (बिहार): कोरोना महामारी के कारण पूरे देश में लाॅक डाउन होने के वजह से सारे कल कारखाने बंद है। कल कारखाने बंद रहने के कारण बाहर से जो मजदूर अपने घर असरगंज आये है। वह लोग रोजगार से वंचित हो गये है।ऐसे में घर परिवार की बिगड़ती स्थिति को काबू में रखने के लिए प्रवासी मजदूर की महिला सदस्य मधुमक्खी पालन रोजगार में जीविका दीदी से जुड़कर आत्मनिर्भर हो रही है।उनके लिए मधुमक्खी पालन वरदान साबित हो रहा है। चोरगांव पंचायत में जीविका के अध्यक्ष दीपा यादव ने कही कि हमसब जीविका दीदी ने मिलकर एक मधु उत्पादक समूह का निर्माण किया है।जिसमें 36 जीविका दीदी जुड़ी हुई है। इस समूह का नाम उन्नती जिविका महिला मधु उत्पादक समूह है। सभी जीविका दीदी को 10-10 मधुमक्खी बाॅक्स दिया गया है। सरसों के फसल से लगभग चार क्विंटल मधु का उत्पादन किया गया।और अभी मूंग के फसल में लगभग 2.5 क्विंटल मधु का उत्पादन किया जा चुका है।समूह के सभी जीविका दीदी मधु का उत्पादन कर अपना जीविकोपार्जन कर रही है। उन्होने कही कि एक बाॅक्स मधु तैयार होने में 7 से 8 दिन लग जाता है। यदि अच्छी तरह से देखभाल किया जाय तो एक बक्सा से कम से कम पांच किलो मधु निकाल लिया जाता है। उस मधु को समूह के द्वारा बाजार में बिक्री की जाती है तथा उससे होने वाले मुनाफे से परिवार का जीविकोपार्जन हो जाता है। मधु उत्पादन हेतु सर्वप्रथम सभी सदस्य को प्रशिक्षण दिया गया।प्रशिक्षण के उपरांत सभी प्रतिभागी को प्रमाण पत्र दिया गया।प्रत्येक सदस्य को 1000 रुपये प्रति बाॅक्स दिया गया। जो 75 प्रतिशत अनुदान दर पर दिया गया।इस अवसर पर सचिव खुशबू देवी, कोषाध्यक्ष बिन्दु देवी उपस्थित थे।

  


  




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