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पटना : सर्वविदित है कि विश्वव्यापी कोरोना वायरस बिहार में भी दस्तक दे चुका है और बिहार के हेल्थ इंफ़्रास्ट्रक्चर से सभी भलीभाँति परिचित है। हाल ही चमकी बुखार के दौरान बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफ़नामा दाख़िल कर बिहार के अस्पतालों में 47% डॉक्टरों की कमी, 70% नर्सों की, 72% Lab Technicians और 58 % Pharmacists की कमी बतायी थी। 

ऐसी स्थिति में आप सोच सकते है कि असावधानी और लापरवाही बरतने से कोरोना का प्रकोप बिहार में कितना घात्तक हो सकता है? राजद ने एक ज़िम्मेवार विपक्ष की भूमिका अदा करते हुए सर्वप्रथम अपने सभी राजनीतिक कार्यक्रम रद्द कर सरकार को सकारात्मक सहयोग किया वहीं दूसरी और सरकार के घटक दल बीजेपी के मंत्रीगण और नेतागण सरकार के ही दिशा-निर्देशों की अवहेलना करते हुए राजनीतिक कार्यक्रमों में व्यस्त थे। जिसकी नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सबूत सहित सदन में आलोचना भी की थी। माननीय नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव मीडिया और सोशल मीडिया के मार्फ़त बिहारवासियों को कोरोना से सतर्क, सावधान और जागरूक होने के साथ-साथ केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने का निरंतर आग्रह कर रहे है।

राजद प्रदेश की पहली ऐसी पार्टी है जिसने आधिकारिक रूप से अपने समर्थकों, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और राज्यवासियों से विनम्रतापूर्वक निवेदन किया है कि सभी अपने-अपने क्षेत्र में कोरोना संक्रमण से सावधानी, संयम व स्वच्छता के प्रति सचेत रहकर स्वास्थ्य विभाग के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए लोगों को जागरूक करें। राजद ने 31 मार्च तक अपने प्रदेश कार्यालय के लिए भी गाइडलाइन जारी की है। राजद कार्यकर्ता साफ़-सफ़ाई का विशेष ध्यान रखते हुए प्रदेश भर में मुफ़्त में फेस मास्क और हैंड सेनिटाइजर का वितरण कर सरकार का सहयोग कर रहे है। 

हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय लालू प्रसाद जी ने बिहारवासियों को सतर्क रहने के साथ-साथ बिहार सरकार से स्वास्थ्य पेशेवरों का विशेष टास्क फ़ोर्स, ज़िला स्तर पर नोडल ऑफ़िस का गठन और उनके सम्पर्क सूत्रों की विवरणी सार्वजनिक करने का अनुरोध किया है।

हम ज़िम्मेवार विपक्ष के नाते कोरोना से लड़ने की सरकार की हर सकारात्मक पहल का समर्थन करते हुए फिर दोहराते हैं कि बेहतर तैयारी, समन्वय और जागरूकता ही इस महामारी को कम कर सकती है अन्यथा शिथिलता विनाशकारी होगी।।


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