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बेतिया रामनगर : कभी बूझने का वरदान मत देना , जलने में ही आराम मुझे मिलता है ।  कविवर दीपक एंथोनी की इन पंक्तियों को उद्धरित करती हुई डॉ.सविता सिंह नेपाली की आंखें डबडबा गई और उन्होंने कहा कि मेरे अभिभावक के साथ साथ एक सच्चे गुरु और मार्गदर्शक के रूप में दीपक चाचा जी का साथ मुझे बचपन में मिला है जो अतुल्य और अनमोल है। वे दीपक एंथोनी की 87 वीं जयंती पर बोल रही थीं । मौका था कविवर के जयंती समारोह के आयोजन का जो उनके आवास पर उनके पुत्र अरुण एंथोनी दीपक के द्वारा आयोजित किया गया था । समारोह का शुभारंभ कविवर की तस्वीर पर माल्यार्पण कर और दीप जलाकर सभी गणमान्य अतिथियों ने किया । समारोह में बतौर मुख्य अतिथि जयश्री जैन ने कविवर की कृतियों को जन मानस में पहुंचाने का आह्वान किया और क्षणभंगुर जीवन को खेल कहकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भावविह्वल हो गईं। समारोह की  उद्घाटन कर्ता राजभाषा बिहार सरकार की उपाध्यक्ष और गोपाल सिंह नेपाली फाउंडेशन की संस्थापक अध्यक्ष डॉ. सविता सिंह नेपाली ने एंथोनी जी की परम्परा को जीवंत रखने हेतु सदैव ऐसे समारोह करने को कहा और सभी को जागृत रहकर कविवर की प्रतिभा को नई पीढियों तक पहुंचाने में एक दूसरे का सहयोग करने हेतु अपील की। जयंती समारोह की अध्यक्षता समाजसेवी गौतम राव ने की जबकि यादगार संचालन युवा कवि साहित्यकार मुकुंद मुरारी राम ने किया । सहायक स्टेशन मास्टर  शिशिर रॉय ने अपनी काव्य प्रस्तुति से सबको झूमा डाला और खूब तालियां बटोरीं । सुपुत्र अरुण एंथोनी दीपक ने आगत अतिथियों का स्वागत किया और सभी से इस धारा को आगे बढ़ाने की अपील की। जयंती के अवसर पर नवीन श्रीवास्तव, संदीप मिश्रा , दिनेश मुखिया , हेमराज बैठा , जुगनू सिंह, मनोज यादव , मयूर सेन यादव आदि ने संबोधित कर श्रद्धांजलि अर्पित की । मौके पर  मां ट्रीजा एंथोनी, स्टेला आंद्रियास, आंद्रियास केरोबिन,  प्रमोद बाजपेई, संतोष पौलुस, आनंद रेमी, अजय सिंह, लक्ष्मी नारायण ,आकाश कुमार आदि उपस्थित रहे।।


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