Live

• नहीं रहे प्रमुख समाजवादी नेता व लोहियावादी पूर्व मंत्री मोतीलाल कानन

संतोष कुमार सिंह के साथ राहुल कुमार की रिपोर्ट।

हाजीपुर वैशाली : जिले के प्रमुख समाजवादी नेता और लोहियावादी पूर्व मंत्री मोतीलाल सिन्हा कानन का निधन हो गया. शहर के डाक बंगला चौक स्थित आवास पर मंगलवार की दोपहर करीब 12 बजे हृदयाघात के कारण हुए उनके निधन से जिले में समाजवादी आंदोलन का एक और मजबूत स्तंभ ढ़ह गया. स्व कर्पूरी ठाकुर के अनन्य सहयोगी रहे श्री कानन के निधन की खबर फैलते ही शोक संवेदना प्रकट करने वाले लोगों की भीड़ जुट गई. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनके निधन पर शोक जताया और राजकीय शोक की घोषणा की. बुधवार को स्व कानन का शव पहले उनके पैतृक गांव हरिहरपुर ले जाया गया जहां बड़ी संख्या में लोगों ने पुष्पांजलि करते हुए अंतिम दर्शन किया. इसके बाद विधानसभा पहुंचे स्वर्गीय कानन को मंत्री श्रवण कुमार, विधान पार्षद सुबोध कुमार सहित अनेक नेताओं ने पुष्पांजलि दी. दोपहर बाद स्थानीय कोनहारा घाट पर राजकीय सम्मान में सशस्त्र सलामी के साथ अंतिम संस्कार किया गया. इस मौके पर मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार के साथ डीएम उदिता सिंह, एसपी गौरव मंगला, एएसपी राघव दयाल, एसडीओ सदर, विधायक अवधेश सिंह, पूर्व मंत्री आलोक मेहता, शिवचंद्र राम, पूर्व एमएलसी विशुनदेव राय, जदयू नेता विनोद कुमार राय, उपेंद्र पटेल सीएम, राजद नेता देव कुमार चौरसिया, पंछीलाल राय, बैधनाथ चंद्रवंशी, अनिलचंद्र कुशवाहा, सांसद प्रतिनिधि अवधेश सिंह, मोनिका सिंह, कृष्ण कुमार बुबना, नत्थू बुबना, भाजपा नेता अरविंद राय, मनीष शुक्ला, निशांत गांधी, निकेत डब्लू, प्रो शशि,राहुल गुप्ता, रंजीत यादव, संजय पटेल, राजेश शर्मा, सुमन कुमार, पप्पू जायसवाल, नौशाद खान, डॉ नेता राय, नागेंद्र सिंह, जयनाथ चौहान मुखिया विनोद राय, सहित बड़ी संख्या में जिलेभर से पहुंचे लोगों और जनप्रतिनिधियों ने शव पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। डाक बंगला चौक स्थित कानन भवन से निकली शवयात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और कौनहारा घाट तक पहुंचकर अंतिम संस्कार में शामिल हुए।

मुखिया से शुरू राजनीतिक यात्रा में 50 वर्षों तक सक्रिय रहे कानन।

हाजीपुर विधानसभा के हरिहरपुर गांव में माता राजमहल देवी और पिता भोला राय के घर 10 मई 1938 को जन्मे मोतीलाल सिन्हा कानन की राजनीतिक की यात्रा हरिहरपुर शुभई पंचायत में मुखिया पद से 1962 में शुरू हुई थी. तीन भाइयों बसकित राय और प्यारेलाल नवीन में सबसे छोटे मोतीलाल कानन जीए हाई स्कूल से मैट्रिक, एलएस कॉलेज से स्नातक और पटना यूनिवर्सिटी से एमए की पढ़ाई पूरी की थी. वर्ष 1967 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़े और 1969 में हाजीपुर से निर्दलीय विधायक चुने गए. मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री के साथ राजस्व एवं भूमि सुधार कैबिनेट मंत्री बने. पुन: 1970 में पांच निर्दलीय विधायकों के साथ समर्थन देकर कर्पूरी ठाकुर को मुख्यमंत्री बनाने में सहयोग किया और उनके साथ ग्रामीण विकास, पंचायती राज और सामुदायिक विकास कैबिनेट मंत्री रहे. वर्ष 1985 में दमकिपा से विधायक बने स्व कानन जनता दल के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे. लोहिया, कर्पूरी, देवीलाल, शरद, लालू, नीतीश, पासवान जैसे प्रमुख नेताओं के काफी करीबी रहे कानन 50 वर्षों तक राजनीतिक रूप से सक्रिय रहे थे. कानन ने हाजीपुर के विकास और जिले के समाजवादी आंदोलनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्मपत्नी उर्मिला कानन और चार पुत्रियों के साथ 5 पुत्रों संजय, कुणाल, राकेश, संतोष और गौतम को पीछे छोड़ गए हैं. इनमें चौथे संतोष कानन लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रहते हुए युवा जदयू के प्रदेश पदाधिकारी हैं. मालूम हो कि स्वर्गीय कानन के दो पुत्रों दुष्यंत कानन और अतुल कानून का कुछ वर्ष पूर्व असामयिक मृत्यु हो चुका है. मोतीलाल कानन के निधन से जिले के एक और राजनीतिक पुरोधा का अवसान हो गया।।


Posted by


जरूर पढ़ें