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सारण : सारण जिला इलेक्ट्रॉनिक ट्रेड एसोसिएशन द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह होली मिलन के नाम पर कलंग गाथा लिख गई। रंग और हर्षोउल्लास के त्योहार होली में बार बालाओं द्वारा अंग प्रदर्शन और अश्लील गानो पर गन्दे तरीके से नृत्य और अभद्र भाषा का प्रयोग कर होली संस्कृति के अस्मीता को तार तार कर दिया गया।

भारतीय संस्कृति में नारी को सम्मान देने की परंपरा को इलेक्ट्रॉनिक एसोसिएशन के सदस्यों ने ताक पर रख अश्लीलता, अभद्रता, नंगापन का परिचायक बना दिया।

महिला दिवस पर ही महिलाओं के अस्मीता को किया तार तार

8 मार्च को अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता।है इस के अवसर पर छपरा शहर के कई हिस्सों में महिला सम्मान का आयोजन किया गया था जहाँ महिलाओं के।सम्मान में कसीदे पढ़े जा रहे थे वही शहर के जन्नत पैलेस में बार बालाओं से अश्लील गानो पर अंग प्रदर्शन कर अर्धनग्न कपड़ो में ठुमके लगवाए जा रहे थे।जो महिला सम्मान के अस्मीता को तार तार किया जाना है। छपरा शहर के इलेक्ट्रॉनिक व्यवसायी द्वारा आयोजित बार बालाओं का अर्धनग्न नृत्य आयोजित कर अश्लील गानो पर जमकर ठुमके लगाए गए।बार बालाओं द्वारा नंगा नाच और इलेक्ट्रॉनिक व्यवसायियों द्वारा जमकर लुप्त लिया गया।जो नारी सम्मान के दावे के हवा हवाई साबित कर रहा है।

बार बालाओं के होली मिलन पर जमकर हुई जग हसाई,सभी लोग कर रहे थू- थू,

इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडर्स द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में अर्धनग्न अंग प्रदर्शन और अश्लील गानो पर ठुमके जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।

इस होली मिलन आयोजन में।सम्मिलित व्यक्ति ने नाम न छापने के आधार पर बताया कि आयोजित होली मिलन समारोह में अश्लीलता और अधनंगापन की सारी हदें पार कर दी गई। कार्यक्रम में पहुचे कुछ लोग शर्म से पानी पानी हो गए और इस तरह के अश्लीलता को देख कार्यक्रम को बीच मे छोड़ कर चल पड़े।

इस अश्लील और अर्धनग्न प्रदर्शन को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है और सभी लोग इस आयोजन और आयोजनकर्ता को खरी खोटी सुना थू थू कर रहे है उनका कहना है कि इस तरह के आयोजन का समाज पर दुष्प्रभाव पड़ेगा और होली के सभ्यता संस्कृति पर गलत प्रभाव डालेगा।

होली मिलन के नाम पर अय्यासी का अड्डा समारोह स्थल

अश्लीलता से भरा होली मिलन को लेकर शहर के लोगो मे अलग अलग तरह का चर्चा जोरों पर है वायरल हो रहे वीडियो और फ़ोटो के देख लोग दबे जुबान होली के नाम पर अय्यासी का चर्चा कर रहे है।

लोगो का कहना है कि ऐसे आयोजन से हिंदुस्तान के सभ्यता और संस्कृति को खतरा है।इस तरह का आयोजन आयोजनकर्ता के मनोदशा और गलत मानसिकता का परिचाय बन फाहा है।।


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