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मेराज खान की रिपोर्ट 

अररिया : प्रखंड अन्तर्गत माधोपाड़ा वार्ड नंबर 12 रामपुर मोहनपूर पूर्वी का आँगनबाड़ी केन्द्र सांख्य 66 कहीं खो गया है, जिसे छोटे छोटे बच्चे ढूंढ रहे हैं। गाँव में 6 वर्ष से कम उम्र के 40 से 50 बच्चे हैं जो पढ़ना चाहते हैं, लेकिन आँगनबाड़ी केन्द्र मिल नहीं रहा है। 

ग्रामीणों का कहना है कि यहां के नाम पर एक आँगनबाड़ी है जिसे सेवीका गाँव से कुछ दुरी पर अपने घर के पास चला रही है, जहां पर छोटे छोटे बच्चों का पहुंच पाना मुश्किल होता है। आँगनबाड़ी केन्द्र गाँव से बहार है और रास्ता भी खराब है जिस कारण बच्चे पढ़ने के लिए आँगनबाड़ी नहीं जा पाते हैं। ग्रामीणों ने बताया इसकी की शिकायत जिले के आला अधिकारीयों को की गई थी, जिसके बाद सीडीपीओ ने आँगनबाड़ी केंद्र का जायजा लिया और बच्चों की समस्या को देखते हुए आँगनबाड़ी सेविका को केंद्र गांव के बीच में हाफिज साजिद के दरवाजे पर चलाने का आदेश दिया था। आंगनबाड़ी सेविका नूरानी खातून ने सीडीपीओ की बात को अनसुना करते हुए अबतक केंद्र को गांव के बीच में स्थापित नहीं की है।

ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में केंद्र तक छोटे-छोटे बच्चों को पहुंचाने में माता-पिता को काफी समस्या होती है, आँगनबाड़ी केन्द्र गांव से बाहर है और रास्ता भी खराब है, रास्ते में पानी भरा रहता है, जिस वजह से बच्चे आंगनवाड़ी नहीं जा पा ते हैं।

     हमारे मीडिया कर्मी जब ढूंढते हुए आँगनबाड़ी केंद्र पहुंचे तो केंद्र पर छह-सात बच्चे पर पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन केंद्र पर सेविका और  सहायिका मौजूद नहीं थीं। उस समय सेविका की बहन आँगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों को पढ़ा रही थी। इस सिलसिले में जब केंद्र की सेविका से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई थी, जिस वजह से इलाज कराने अररिया अस्पताल चली गई थी। 

 वहीं इस गांव के मुखिया का कहना है कि आंगनवाड़ी सेविका अपनी मनमानी करती है, किसी की बात का उन पर कोई असर नहीं होता है।।


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