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राजू सिंह कि रिपोर्ट दरभंगा से ।

लालबाग दरभंगा के 44वें दिन धरना स्थल पर एकजुटता जाहिर करने पहुचें भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ0 शकील।

दरभंगा : सीएए-एनपीआर-एनआरसी के खिलाफ चल रहे लगातार धरना में 44वें दिन भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ0 शकील अहमद एकजुटता जाहिर करने पहुंचे।

सत्याग्रह को सबोधित करते हुए पूर्व मंत्री डॉ. शकील अहमद ने कहा कि केंद्र सरकार पर अंग्रेजों की नीति पर काम कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि देश में हो रहे भ्रष्टाचार पर सरकार की नजर नहीं है। यही कारण है कि भ्रष्ट एवं निकम्मी सरकार से देश की जनता परेशान है।

उन्होंने सीएए को काला कानून बताते हुए कहा कि सरकार अपनी सरकार का भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए भेदभाव पूर्ण कानून लाया है, लेकिन लोग उनके भ्रष्टाचार को समझ चुके हैं।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री अहमद ने आगे कहा कि बेरोजगारी आज की तारीख में 45 सालों के सबसे ऊपर के स्तर पर है। किसानों की आमदनी पिछले 14 सालों में सबसे नीचे के स्तर पर है। इसलिए उन्होंने यह कानून लाया है। साथ ही उन्होंने कहा कि देश में हो रहे भ्रष्टाचार पर सरकार की नजर नहीं है। श्री अहमद ने बिहार सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सम्मेलन में लोगों की कम भीड़ उनकी लोकप्रियता को बयां कर रहा है। उन्होंने कहा कि जेडीयू के सम्मेलन में भीड़ कम रही। इससे साफ जाहिर होता है कि नीतीश कुमार की विश्वसनीयता कम हुई है। पहले उन्हें धर्म निरपेक्ष लोगों ने वोट दिया था। अब वो बीजेपी के साथ हैं। ऐसे में उनको धर्म निरपेक्ष लोगों का साथ नहीं है। इससे निश्चित ही नीतीश कुमार की विश्वसनीयता कम हुई है।

वही ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी करवां के राष्ट्रीय अध्यक्ष नजरे आलम ने कहा कि बिहार की अमन-पसंद लोग अब नीतीश कुमार को नकार दिया है और अगर समय रहते सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित नही किया गया तो अब गाँव-गाँव में जनता उनका विरोध करेगी। 

श्री आलम ने कहा कि देश के अंदर सबसे बड़ा जनता का न्यायालय होता है। और जनादेश वहीं से मिलता है। और इस बार समय रहते अगर नीतीश कुमार नहीं चेते तो जनता की अदालत उनको माफ नही करेगी। इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन कारवां के सचिव इंजीनियर फकरुद्दीन कमर ने की। 

धरना स्थल पर बिहार राज्य खाद्य आयोग के पूर्व अध्यक्ष अताकरीम, नौशाद आलम, शकील अहमद सलफी, हाफिज गुलाब, प्रिंस राज, मनाजे भारती, बदरूलहसन, बदरूलहोदा खान, मोतिउर रहमान, हीरा नेजामी, मो0 मुन्ना, अशरफ सुबहानी, नाजिया सहन, सबा प्रवीण, साहिबा प्रवीण, सोनू मिकरानी, जीशान अख्तर, शाहनवाज आकिल, मो0 अबदुल्लाह नवाज, अमानुल्लाह अमन, मो0 तालिब, मो0 भोला, मो0 दानियाल आदि बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।।


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