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मुंगेर : पुलिस द्वारा हवेली खड़गपुर के नक्सल प्रभावित गोरधोवा गांव में कम्युनिटी पुलिसिंग कार्यक्रम के तहत जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुंगेर पुलिस द्वारा नक्सल प्रभावित इलाकों में मुख्यधारा से भटके लोगों को समाज के मुख्यधारा में वापस लाने हेतु फ्रेंडली पुलिसिंग कार्यक्रम के तहत जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जनसंवाद कार्यक्रम का उद्घाटन पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह द्वारा किया गया। गोरधोवा में आदिवासी समुदाय द्वारा संथाल नृत्य की प्रस्तुति कर आगंतुक अतिथियों की अगवानी की गई। पुलिस अधीक्षक ने शांति का प्रतीक सफेद कबूतर उड़ाकर तथा दीप प्रज्वलन कर समारोह का उद्घाटन किया। कई तरह के खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। फुटबॉल, महिला कबड्डी, बालक एवम बालिका वर्ग के 100 मीटर दौड़, बालक एवम बालिका वर्ग के 200 मीटर दौड़, तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह ने आदिवासी समुदाय के परंपरागत तीर धनुष प्रतियोगिता का शुभारंभ तीर धनुष चलाकर किया. निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया। निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर में 2,000 से अधिक मरीजों का निशुल्क उपचार किया गया तथा उनके बीच दवाओं का भी वितरण किया गया। कई तरह की खेलकूद प्रतियोगिताओं के विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया। 200 स्कूली बच्चों के बीच स्कूल बैग का वितरण किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम, नृत्य कार्यक्रम में भाग लेने वाली बच्चियों के बीच चॉकलेट और मिठाइयों का भी वितरण किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि

मुंगेर पुलिस द्वारा आयोजित सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम के तहत जनसंवाद कार्यक्रम में आप लोगों के उत्साह को देखकर लग रहा है मैं अपने घर अपने आंगन में मैं आई हूं। आप लोगों ने उत्साह दिखाया है मुंगेर पुलिस द्वारा आयोजित कार्यक्रम के प्रति वह वाकई पुलिस और पब्लिक के बीच की दूरियों को न सिर्फ खत्म करता है बल्कि यह अहसास कराता है कि पुलिस और पब्लिक एक ही परिवार के सदस्य हैं। फ्रेंडली पुलिसिंग हमारा उद्देश्य भी है। पुलिस का व्यवहार दोस्ताना रखना मेरा उद्देश्य है और किसी व्यक्ति के साथ, किसी संस्था के साथ या किसी समूह के साथ पुलिस कभी कोई उत्पीड़न या दमनात्मक कार्रवाई नहीं करेगी। 

मुझे बताया गया है कि यहां आस-पास के गांव में शिक्षा का स्तर काफी सुधरा है। काफी लोग सरकारी नौकरियों में आ रहे हैं। पढ़ाई के प्रति झुकाव बढ़ा है और यही कारण है कि गांव में विकास और संपन्नता मुझे देखने को मिल रही है। मैं जब आ रही थी तो रास्ते में इतने अच्छे साफ-सुथरे घर देखने को मिले हर कि मेरा क्या हर किसी का मन खुश हो गया। इसी जज्बे को बनाए रखना है।

 बंदूक की ताकत से कोई समस्या का समाधान हो नहीं सकता। कलम की ताकत को पहचानिए।

याद करिए कई साल पहले बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को भी इसी कलम की ताकत मिली थी और उन्होंने देश के संविधान की रचना कर डाली थी। आप भी कर सकते हैं। 

समाज में कुछ लोग रहते हैं जो लोगों को भड़काते हैं उकसाते हैं। परिस्थिति वश किसी से कोई गलती हो जाती है। कोई जानबूझकर नहीं करता।हालात वश और परिस्थिति वश मजबूरी वश ही गलती होती है उस गलती को सुधारने की आवश्यकता है।

कई लोग जो समाज की मुख्यधारा से भटक कर दूसरी राह पकड़ लिए हैं वह मुख्यधारा में लौट कर आए। मुंगेर पुलिस उनके स्वागत के लिए सहयोग के लिए हमेशा तत्पर है और एक बात का मैं भरोसा दिलाती हूं कि जिले की एसपी होने के नाते मेरी पुलिस कभी आप लोगों के साथ  खराब व्यवहार नहीं करेगी।

आप लोग पुलिस के साथ सहयोगात्मक रवैया अपनाइए। हमारे दरवाजे हमेशा आपके लिए खुले हैं। जैसे आज आपने हम लोगों के लिए अपने दरवाजे खोले हैं उसी तरह पुलिस का भी दरवाजा हमेशा आपके सहयोग के लिए मदद के स्वागत के लिए खुला रहेगा।

एक बात जो यहां के स्थानीय लोगों ने बताई है  पुलिस कार्रवाई को लेकर तो यह भरोसा रखिए कि कभी  पुलिस गलती नहीं करेगी। यदि कुछ गलती हो गई होगी तो हम उसको देखेंगे और साथ ही यह आश्वासन दिलाते हैं कि कोई भी कार्रवाई पूरी जांच पड़ताल के बाद ही होगी। 

आदिवासी समुदाय के लोग दिल से और स्वभाव से काफी सीधे और सरल होते हैं, दिल के अच्छे होते हैं, हमने पहले भी देखा है और आज भी इसे अनुभव किया है।

(मुंगेर से रवि शंकर शर्मा की रिपोर्ट)


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