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हरि किशोर सिंह पत्रकार की रिपोर्ट सारण से

पैथोलॉजी,ऐसे में पता चला कि आपको जो बीमारी है भी नहीं, आप उसके मरीज बन गए

मशरक सारण : नौसिखिए निकाल रहे खून, बिना लैब टेक्नीशियन और डॉक्टर के चल रहीं पैथोलॉजी,आप जिस पैथोलॉजी कलेक्शन सेंटर में जांच करवा रहे हैं, क्या उसकी रिपोर्ट सही है। एक बार यह सवाल जरूर पूछिए, क्योंकि मशरक में चल रहे कई कलेक्शन सेंटर में खून का सैंपल लेने वाला अप्रशिक्षित होता है। उसे तकनीकी ज्ञान नहीं होता। कुछ में तो खून की जांच तक कोई विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं करते। अंदाज से खुद ही नौसिखिए रिपोर्ट तैयार करके दे देते हैं। ऐसे में पता चला कि आपको जो बीमारी है भी नहीं, आप उसके मरीज बन गए।

पैथोलॉजी जांच के नाम पर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। नौसिखिए खून निकाल रहे हैं। जांच कर रहे हैं और रिपोर्ट भी बनाकर दे दे रहे हैं। अंत में उस रिपोर्ट पर किसी डॉक्टर के हस्ताक्षर ले लेते हैं। ये डॉक्टर कौन होता है कोई नहीं जानता। शहर में चल रही कई पैथोलॉजी की पड़ताल की। सभी सेंटर पर रिपोर्टर खुद मरीज या मरीज का रिश्तेदार बनकर गया। जैसे ही जांच कराने की बात हुई तो सारी सच्चाई सामने आ गई। कई पैथोलॉजी में एमडी (पैथोलॉजी) डॉक्टर नहीं मिले। जबकि सभी की रिपोर्ट में किसी न किसी डॉक्टर का हस्ताक्षर रहता है। कई जांच सिर्फ एमडी (पैथोलॉजी) ही कर सकते हैं, बावजूद कई जगहों पर सभी तरह की जांच करने के दावे किए गए। दो पैथोलॉजी में तो लैब टेक्नीशियन भी नहीं मिले। पैथोलॉजी में ही रहकर सीख रहे नौसिखिए ही खून निकालने के लिए तैयार हो गए।

नौसिखिया ही निकालता है खून

कलेक्शन सेंटर के नाम पर भी खेल चल रहा है। इन सेंटर का दावा होता है कि यहां जांच नहीं होती, सिर्फ सैंपल लिया जाता हैं। जमीनी हकीकत यह है कि नाम तो कलेक्शन सेंटर हैं, लेकिन ये खुद भी जांच कर रिपोर्ट दे देते हैं। मरीज की डिमांड पर ही जांच के लिए बाहर भेजते हैं या कोई बड़ी जांच होती है तो पैथोलॉजी में जांच कराते हैं। जबकि ये किसी मानक को भी पूरा नहीं करते।।


Posted by

Pawan Kumar


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