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राजू सिंह कि रिपोर्ट 

अधिक भाषाओं की जानकारी हमारे व्यक्तित्व विकास में सहायक-डा चौरसिया।।

दरभंगा : राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद् (रूसा) के सहयोग से संचालित "एक भारत श्रेष्ठ भारत" कार्यक्रम के तहत स्थानीय सी०एम० कॉलेज, दरभंगा में एक दिवसीय कार्यशाला के अंतर्गत आज  छात्र-छात्राएं को मिजोरम राज्य की संस्कृति एवं वहां की भाषा से  रूबरू होने का अवसर प्राप्त हुआ। किसी भी राज्य को बेहतर ढंग से जानने के लिए उस राज्य की भाषा को जानना अति आवश्यक है। हमारे छात्र मिजो भाषा सीख रहे हैं,यह हमारे लिए प्रसन्नता की बात है।उक्त बातें कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए रूसा के महाविद्यालय कोऑर्डिनेटर प्रो ललित शर्मा ने कहा।उन्होंने कहा कि जब हम कोई नई भाषा सीख रहे होते हैं तो आरंभ में सीखना थोड़ा कठिन होता है,लेकिन अगर हम शब्दों पर ज्यादा ध्यान देने के बजाय भाषा के भावों पर विशेष ध्यान देने का प्रयास आवश्यक है,तभी हम उस भाषा को आसानी से सीख सकते हैं ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ० आर एन चौरसिया ने कहा कि युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' कार्यक्रम सर्वोत्तम कार्यक्रमों में से एक है। प्रत्येक राज्य की भाषा की अपनी एक अलग विशेषता होती है। मिजो भारत की एक महत्त्वपूर्ण भाषाओं में से एक है। अधिक से अधिक भाषाओं की जानकारी हमारे व्यक्तित्व विकास में सहायक होता है।युवाओं के सर्वांगीण विकास हेतु 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' सरकार की प्रशंसनीय योजना है।

विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित प्रो०आचार्य विकास कुमार ने कहा कि अपनी भाषा के अलावा  देश के विभिन्न राज्यों की भाषा, वहां संस्कृति एवं सभ्यता से देश के भावी पीढ़ी को परिचित करवाना 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' का मूल उद्देश्य है। रूसा के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम से छात्र-छात्राएं देश के विभिन्न राज्यों की सभ्यता व संस्कृति, खानपान,भाषा पहनावा, रहन-सहन से अवगत होंगे।इससे हमारे देश के विशेष गुण 'विविधता में एकता' को और अधिक मजबूती मिलेगी। 

नोडल पदाधिकारी डॉ० रीता दुबे ने कहा कि  इस कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों को लगातार मिजोरम की संस्कृति, सभ्यता एवं भाषा के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी जाएंगी।

इस मौके में कुछ प्रमुख छात्रों ने भी अपनी अभिव्यक्ति एवं भाव को मिजो भाषा में बताया,जिनमें आतिका बद्र ने दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले शब्दों, खुल्द महफूज ने रिश्तों का नाम , लाएबा महफूज ने कुछ मुहावरे, वरुण ने एक से लेकर दस तक गिनती,सुधांशु कु० रवि और श्रेया ने 7 दिन और 12 महीनों का नाम, उत्कर्ष ने कुछ सर्वनामों का नाम, अनिमा ने कुछ जानवरों के नाम, मिजो भाषा में बताकर अभ्यास कराया।इसके अलावा अन्य छात्रों ने भी अपना विचार मिजो भाषा में रखा।

मौके पर कुमार सौरभ, जयप्रकाश कुमार साहु, पुरुषोत्तम चौधरी, शिवम झा, अनुज, अमित शुक्ला, आदि सहित इस कार्यक्रम में 100 से अधिक छात्र-छात्राएं उपस्थित थे ।।


Posted by

Pawan Kumar


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