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 अमर कुमार गुप्ता की रिपोर्ट

फलका कटिहार : फलका प्रखंड अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस नहीं मनाया गया।जो की स्कूलों से लेकर सरकारी प्राइवेट स्थानों में  अंतरराष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस मनाना  चाहिए था  बच्चों को बताना था  आज वह  नहीं मनाई गई । जो भारतीय जैन नई दिल्ली भारत में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में हिंदी पहले नंबर पर है । 2011 के जनगणना के आधार पर भारतीय भाषाओं के आंकड़े के अनुसार हिंदी को मातृभाषा के रूप में बताने वाले लोगों की संख्या में 2001 के जनगणना के मुकाबले में 2011 में बढ़ोतरी हुई है । 2001 में 41.0 3% लोगों ने हिंदी को मातृभाषा बताया था। जबकि 2011 में इसकी संख्या बढ़कर 43 .63% हो गई है ।बंगला भाषा दूसरे नंबर पर बरकरार है वहीं मराठी ने तेलंगू को तीसरे स्थान से अपदस्थ कर दिया है। 22 सूचीबद्ध भाषाओं में संस्कृत सबसे कम बोली जाने वाली भाषा है केवल 24,821 लोगों ने संस्कृत को अपनी मातृभाषा बताया है ।बोलने वाले को संख्या के लिहाज से संस्कृत बोजे मणिपुर कोंकणीऔर जेगरी भाषाओं से भी नीचे है ।2011 जनगणना के आंकड़े के अनुसार गैर सूचीबद्ध भाषाओं में अंग्रेजी को करीब 2 .6 लाख लोगों ने मातृभाषा बताया अंग्रेजी को पाली भाषा बताने वाले लोगों में सबसे ज्यादा 1 .0 6 लाख लोग महाराष्ट्र से हैं तमिलनाडु इस मामले में दूसरे स्थान पर और कर्नाटक तीसरे स्थान पर है ।और सूचीबद्ध भाषा में राजस्थान में बोली जाने वाली मिली मेलोडी भाषा 1.04 करोड़ की संख्या के साथ पहले नंबर पर है इसके बाद गोड़ी दूसरे नंबर पर है ।इसे बोलने वालों की संख्या 29 लाख है ।भारत में बंगला को मातृभाषा बताने वाले लोगों का प्रतिशत बढ़कर 8.3 % हो गया है। मराठी बोलने वालों की संख्या 2001 की तुलना में 6.99% से बढ़कर 2011 में 7 .09%हो गया है ।2001 में तेलुगु भाषा बोलने वाली संस्था 7.19%से घटकर 2011 मे6.93% पर पहुंच गया ।उर्दू 2001 में छठे स्थान पर था लेकिन 2011 के आकड़े के अनुसार वह खिसकर सातवें स्थान पर पहुंच गई है। गुजराती  ने 474% बोलने वाले कि संख्या के साथ छठे स्थान पर कब्जा कर लिया है।।


Posted by

Pawan Kumar


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